ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश/मुनिकीरेती ।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पर्यटन मंत्री जेके अल्फोंस से दिल्ली में मुलाकात की। इस मौके पर स्वामी की उनसे आसन्न प्रयाग कुंभ को स्वच्छ और हरित बनाने, योग से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ने, गंगा के तटों पर वेलनेस व स्पा सेंटर स्थापित करने और उत्तराखंड की संस्कृति, योग और आयुर्वेद को विश्व स्तर पर स्थापित करने आदि बिंदुओं पर चर्चा हुई।
परमार्थ निकेतन मीडिया विभाग के अनुसार इस दौरान स्वामी चिदानंद ने कहा कि उत्तराखंड के पास अमृत रूपी जल से युक्त मोक्षदायिनी गंगा, स्वास्थ्य का खजाना लिए हिमालय विद्यमान है। इसके अलावा स्वच्छ वायु और योग की संस्कृति है। इसे एक पैकेज ज्वेलनेस और स्पा सेंटर के तौर पर विकसित कर पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। कहा कि उत्तराखंड आध्यात्मिक राज्य है, जिसे आयुर्वेद व योग स्टेट के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए ।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के बाबत चर्चा करते हुए बताया कि महोत्सव को अगले साल 30 वर्ष का समय पूरा हो जाएगा। इन तीन दशकों में योग यात्रा ने विश्व के 100 से अधिक देशों, हजारों योग साधकों व योगाचार्यों को अपनी ओर आकर्षित किया है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को और वृहद स्तर पर आयोजित किए जाने पर भी जोर दिया।