ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
बीते चार दिनों से जौनसार बावर में हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बंद हुई सड़कों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। शुक्रवार तक क्षेत्र में जहां 33 सड़कें बंद थी। शनिवार को यह आंकड़ा 39 तक जा पहुंचा। सड़कों के बंद होने के कारण करीब 200 से अधिक गांव का संपर्क पूरी तरह से अन्य इलाकों से कट गया है।
शनिवार को कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर सावड़ा बैंड के पास सड़क का करीब 2 मीटर हिस्सा धंसा गया है। जिस कारण बड़े वाहनों की आवाजाही ठप है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फसलें खेतों में ही पड़े-पड़े सड़ने लगी है। काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शनिवार को भी जजरेट और शंभू की चौकी के पास मलबा आने से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर यातायात खुलता और बंद होता रहा। सड़कों के बंद होने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लोनिवि को भी बारिश के कारण बंद सड़कों को खोलने में खासा मशक्कत करनी पड़ रही है। हरिपुर कोटी मार्ग भी शुक्रवार की देर रात से से बंद हुआ है। वहीं त्यूनी-चकराता और अटाल-त्यूनी मोटर मार्ग पर 17 घंटे बाद यातायात बहाल हो सका।
यह सड़कें बंद
भारी बारिश के बीच लोनिवि (पीएमजीएसवाई) कालसी अंतर्गत त्यूनी-कथियान, सावड़ा-डुंगरी, पिपारा-मीनस-बाइला, लेल्टा-मंडोली, नगऊ, कोटा- तारली, ऊभरेऊ, रड़ू-मुंधोल, हयो-टगरी, बाणाधार-चिल्हाड़, हनोल-चातरा, संवाई संपर्क मार्ग, लोनिवि चकराता अंतर्गत खरसी-अपर कुल्हा, लोनिवि(एडीबी) अंतर्गत कोटी-सराड़ी, ऊबेऊ-क्यारी, काहा-नेहरा-पुनाह, लोनिवि साहिया अंतर्गत हरिपुर-कोटी-इछाड़ी, समरजैंस, गडोल-सकरोल, साहिया-बैराटखाई, डाडुवा-कितरोली, बानसू-जखनोग, लखवाड़ संपर्क मार्ग, भुपेऊ, दोधा, कालसी-बैराटखाई, गास्की समेत 39 संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप है।
झरने ने रोकी राह
दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जूडो के पास सड़क किनारे पहाड़ी से नीचे गिरता हुआ जो झरना आंखों को सुकून देता था उसी झरने ने शनिवार को लोगों की राह रोक ली। झरने में पानी का जल स्तर बढ़ने से झरना पूरी सड़क पर बहने लगा। जिस कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। जल स्तर घटने के बाद ही वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकी।