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सोल पट्टी में सेना ने संभाला मोर्चा-compat

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थराली। आपदा प्रभावित सोल पट्टी में जब हफ्ते भर बाद भी प्रशासन कुछ नहीं कर पाया तो सोमवार को यहां सेना ने मोर्चा संभाला। ढाडरबगड़ को रतगांव सहित अन्य गांवों को जोड़ने के लिए किचगाड़ गदेरे में सेना ने फुुट ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया है। यहां जल्द पुल बनने के बाद लोग पैदल आवागमन कर सकेंगे। साथ ही राशन सहित अन्य सामग्री के ढुलान का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
रविवार 15 जुलाई की रात को रतगांव में बादल फटने से रतगांव के ढाडरबगड़ कस्बे का नामोनिशान मिट गया था, जबकि बुरसोल, रतगांव, कोलपुड़ी, रूइसाण, गेरूड़, घुम्मड़ सहित दस से अधिक गांवों को थराली से जोड़ने वाला रतगांव मोटर पुल किचगाड़ गदेरे के उफान में बह गया था। यही नहीं प्राणमति, डुंग्री से लेकर ढाडरबगड़ तक कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में सोल क्षेत्र में खाद्यान्न सहित आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई ठप पड़ गई। हालांकि पिछले एक हफ्ते में यहां लोनिवि, पीएमजीएसवाई द्वारा सड़कें खोलने के प्रयास किए गए, लेकिन चट्टानी भाग होने और सड़कों पर भूस्खलन अधिक होने के चलते यहां पैदल आवाजाही भी शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में प्रशासन की मांग पर सरकार द्वारा अब यहां पुल निर्माण के लिए सेना को भेजा गया है।
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सोमवार को ढाडरबगड़ पहुंचे 418 इंडिपेंडेंट इंजीनियर्स के मेजर आकाश के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने यहां ग्रामीणों के आवागमन के लिए फुट ब्रिज का निर्माण शुरू किया। मेजर आकाश ने बताया कि इसमें लोहे के खंभों के सहारे तार बांधकर और रस्सियों से पैदल पुल का निर्माण करेगी ताकि लोग आर-पार जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क नहीं खुलेगी, तब तक यहां वैली ब्रिज नहीं बन सकता। लिहाजा फौरी राहत के लिए यहां फुट ब्रिज बनाया जा रहा है। इस दौरान सेना के साथ तहसील प्रशासन और पीएमजीएसवाई की टीम भी शामिल थी। बुरसोल के प्रधान रणजीत सिंह ने बताया कि सेना को पूरा सहयोग किया जा रहा है।
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