ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
सौरमास के अनुसार श्रावण मास का दूसरा सोमवार आज है। सोमवार को ही हरिशयनी एकादशी होने से शिवभक्त श्रद्धालुओं के लिए जप, तप, साधना की दृष्टि से यह दिवस और भी फलदायी हो गया है। आज ही से हरिशयनी एकादशी होने से चातुर्मास्य भी आरंभ हो जाएगा। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार सोमवार को सौरमास के दूसरे सोमवार को व्रत रहेगा। देवशयनी एकादशी पड़ने से इस सोमवार का महात्म्य फल प्राप्ति की दृष्टि से चार गुना बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सोमवार को सुबह सूर्योदय के बाद साढ़े तीन घंटे तक भद्रा तिथि रहेगी। लिहाजा सुबह 8.30 बजे के बाद और 11.30 बजे तक तुलसी के पौधे रोपने का महात्म्य है। तुलसी के पौधे उक्त समयावधि में रोपकर उनकी जड़ में काला सालीग्राम रखें। दूध, शहद, घी, काले तिलों से सालीग्राम पूजन करें। सांय काल तेल का दीपक तुलसी के पौधे के पास पूरे चातुर्मास्य में जलाने से भगवान विष्णु की इस योगनिद्रा की चार माह की अवधि में संसार के प्राणियों पर उनकी कृपा बनी रहेगी।
चातुुर्मास्य का महात्म्य बताते हुए ज्योतिष मर्मज्ञ ने बताया कि तुलसी एंटीबायोटिक्स, एंटीसेप्टिक होती है। लिहाजा स्वास्थ्य की दृष्टि से संवेदनशील इन महीनों में उसकी निरंतर पूजा आराधना करने से वायरल, डेंगुु, मलेरिया जैसी बीमारियों से संपूर्ण समाज की रक्षा हो सकती है। उन्होंने बताया कि सोमवार को एकादशी पड़ने से भक्तों को चावलों से शिव पूजन नहीं करना चाहिए। चावलों का सेवन व दान इसमें वर्जित है।
राशि के अनुसार इस सामग्री से करें शिव पूजन
मेष- दूध, सफेद फूल, काले तिल, शहद
वृष राशि-घी, शहद, सफेद तिल, मिथुन-निर्गुंडी, बेलपत्र, धतूरा फल
कर्क राशि-दूूध, दही, शहद, घी, काले तिल
सिंह राशि-काले तिल, फूल, आम, बेलपत्री
कन्या राशि-फूल, फल, सूखे मेवा, गंगाजल,
तुला राशि-सफेद फूल, फल, मेवा, घी
मकर राशि -काले तिल, फूल, फल, सूखे मेवा,
कुुंभ राशि -गंगाजल, फूल,ऋतुफल,
मीन राशि -सफेद फूल, गंगाजल, कालेतिल, घी, शहद व दूध।