ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
क्षेत्र पंचायत सहसपुर की शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में संपन्न हुई बैठक हंगामेदार रही। समस्याओं का निस्तारण न होने पर जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अधिकारियों पर क्षेत्रीय उपेक्षा का आरोप लगाया। जिस पर विधायक ने समस्त अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क, पानी, बिजली, सिंचाई से जुड़े मुद्दे छाए रहे।
ब्लॉक प्रमुख रंजीता तोमर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजावाला के क्षेत्र पंचायत सदस्य यशपाल नेगी ने कहा कि हर बार बीडीसी बैठक में वह क्षेत्र में पेयजल किल्लत की समस्या को उठाते हैं, लेकिन अधिकारी इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं देते। क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। भाऊवाला के प्रधान प्रवीन ने भी क्षेत्र में पेयजल समस्या का मुद्दा उठाया। कहा क्षेत्र में कुछ ही जगह पर पेयजल लाइन बिछाई गई है। अक्सर लोग पानी किल्लत की समस्या से जूझते हुए मिलते हैं। क्षेत्र में बिजली रोस्टिंग का भी कोई समय निर्धारित नहीं है। दिनभर में कई बार लाइट आती और जाती है। कहा यदि जल्द ही समस्या से निजात नहीं मिलता तो लोगों को आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
जिला पंचायत सदस्य रमेश ने कहा कि कासवाली कोठड़ी में कृषि विभाग द्वारा काश्तकारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं दी जाती। राजावाला प्रधान देवकी बिष्ट ने गांव स्थित मंदिर के ऊपर सूखे पेड़ की टहनियों को काटने की मांग की। कारबारी प्रधान दयानंद जोशी ने कहा कि लंबे समय से ग्रामीण गांव स्थित सिंचाई नहर की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांग को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान का मुआवजा भी देने की मांग की।
इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख भीम बहादुर, कनिष्ठ प्रमुख रजनीश, खंड विकास अधिकारी शकुंतला शाह, डीपीआरओ मोहम्मद जफर खान, एडीओ पंचायत आरएल जनेवा, कमलेश पंत, नलकूप विभाग के सहायक अभियंता डी एसनेगी, लोनिवि के एई एमएस पुंडीर, यशवंत सिन्हा, आसाराम वर्मा, प्रधान आलम, राम सिंह, ग्राम प्रधान रामसावाला सोम सिंह, नुसरत बानो आदि मौजूद रहे।