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गढ़वाल विवि का प्रशासनिक भवन तीसरे दिन भी रहा बंद

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श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासनिक भवन के ताले तीसरे दिन भी नहीं खुले। विवि प्रशासन अभाविप कार्यकर्ताओं को मनाता रहा, लेकिन कार्यकर्ता मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते वार्ता विफल रही। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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शुक्रवार को तीसरे दिन भी विवि प्रशासनिक भवन में ताले लगे रहे। अभाविप 22 सूत्री मांगों के लिए लंबे समय से आंदोलित हैं। मांगों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बुधवार से प्रशासनिक भवन में तालेबंदी कर कामकाज ठप करा दिया था। शुक्रवार को कार्यकर्ताओं व विवि प्रशासन की लंबी वार्ता हुई। वार्ता के दौरान कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने करीब सभी मांगों पर सहमति जताई। अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह लंबे समय से बीकॉम आनर्स शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं। बीकॉम आनर्स शुरू किए जाने के लिए प्रस्ताव विद्या परिषद की बैठक में स्वीकृति भी मिल चुकी है। बावजूद इसके बीकॉम आनर्स शुरू नहीं किया जा रहा, जिस पर कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने इस मुद्दे पर विद्या परिषद की बैठक के बिंदु (मिनट) देखकर निर्णय लेने की बात कही, लेकिन अभाविप कार्यकर्ता बीकॉम आनर्स शुरू किए जाने का लिखित आश्वासन दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। अभाविप के प्रदेश संगठन मंत्री सुधीर जोशी ने कहा कि जब तक विवि प्रशासन मांगों पर कार्रवाई के लिए लिखित आश्वासन नहीं देता धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। छात्रों को आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए। वार्ता में डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रभारी कुलसचिव एचएम अरोड़ा, सहायक कुलसचिव डा. संजय ध्यानी, शैलेष मलासी, ऋतांशु कंडारी, विनीत पोश्ती, अंकुर रावत, अरुण नेगी, प्रज्ञा वशिष्ठ आदि मौजूद थे।
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डीएसडब्ल्यू पद पर बदलाव से डीएसओ छात्र संगठन में आक्रोश
श्रीनगर। गढ़वाल विवि में डीएसडब्ल्यू पद पर हुए बदलाव को लेकर डीएसओ छात्र संगठन ने आक्रोश जताया है। संगठन ने अब बदलाव के विरोध में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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गढ़वाल विवि में डीएसडब्ल्यू पद पर हुए बदलाव का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने डीएसडब्ल्यू पद पर तैनात प्रो. सुरेखा डंगवाल के स्थान पर प्रो. पीएस राणा को जिम्मेदारी सौंपी है। विवि प्रशासन की ओर से किए गए इस बदलाव को प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी गलत बताया था। उनका कहना था कि बदलाव से पूर्व उन्हें सूचित नहीं किया गया। विवि प्रशासन को उन्हें हटाए जाने का कारण बताना चाहिए था। वहीं अब इस आदेश की भाषा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आदेश में कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि प्रो. सुरेखा डंगवाल के स्थान पर प्रो. राणा को नियुक्त किया जा रहा है। साथ ही आदेश की कॉपी प्रो. डंगवाल को नहीं की गई है। वहीं डीएसओ छात्र संगठन ने इस बदलाव को पूरी तरह गलत बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। जबकि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल का कहना है कि प्रो. सुरेखा डंगवाल कार्यवाहक के तौर पर तैनात थी।
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