ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश ।
उत्तराखंड परिवहन महासंघ की ओर से ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर शुक्रवार को वाहनों का चक्काजाम करने का निर्णय लिया है। चक्काजाम होने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों व विभिन्न पहाड़ी इलाकों को आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को संयुक्त रोटेशन कार्यालय में महासंघ के अध्यक्ष संजय शास्त्री की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस मौके उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चक्का जाम के लिए सभी परिवहन कंपनियों ने अपने संस्थाओं के वाहनों का संचालन सुबह चार बजे से शाम छह बजे तक बंद रखने की सहमति जताई है।
उन्होंने बताया कि चक्का जाम शांतिपूर्वक किया जाएगा। इसके लिए कंट्रोल रूम कार्यालय संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति में रहेगा। सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपने संस्थाओं के वाहनों को नहीं चलाने पर सहमति दी है। बताया कि चक्काजाम के तहत थ्री व्हीलर, ऑटो, टैक्सी, कमांडर, सूमो, ट्रक व बसों का संचालन प्रात चार बजे से छह बजे तक संचालन नहीं किया जाएगा। चक्काजाम हड़ताल से आवश्यक सेवाओं के अलावा स्कूल बसों को मुक्त रखा जाएगा। बैठक में जीत सिंह पटवाल, जगमोहन सकलानी, विनय सारस्वत, प्रीतम सिंह नेगी, कुंवर सिंह रावत, सुधीर राय, सुनील कुमार, भूपाल सिंह नेगी, भगवान सिंह राणा, प्यार सिंह गुनसोला, मनोज ध्यानी, चंदन सिंह पंवार, कुंवर सिंह तड़ियाल, सोमनाथ अरोड़ा, सुरेंद्र चौधरी, बृजभानुप्रकाश गिरि, मदन कोठारी आदि मौजूद थे।
लोकल यात्रियों व पर्यटकों की होगी फजीहत
उत्तराखंड परिवहन महासंघ की चक्काजाम हड़ताल से शुक्रवार को स्थानीय लोगों के साथ ही बाहर से तीर्थनगरी आने वाले सैलानियों और यहां से गढ़वाल मंडल के विभिन्न इलाकों, चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं, यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ेगी। गौतलब है कि तीर्थनगरी में देश-दुनिया से हररोज हजारों की संख्या में पर्यटक भ्रमण व तीर्थाटन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें अधिकांश लोग लोकल वाहनों से यात्रा करते हैं। इसके अलावा चारधाम यात्रा और गढ़वाल मंडल के विभिन्न लोकल रूटों पर जाने वाले लोग भी यहां से लोकल रोटेशन व संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति और स्थानीय टैक्सी यूनियनों के वाहनों के जरिए यात्रा करते हैं। शुक्रवार को होने वाली हड़ताल में उक्त सभी यूनियनों ने शामिल होने का ऐलान किया है। ऐसे में स्थानीय लोगों व पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।