ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
ग्राम पंचायतों में एसआईटी जांच, ऑडिट, जवाबदेही, पारदर्शिता अभिकरण जैसे आदेशों को हटाने की मांग को लेकर यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम प्रधान संगठन ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। बृहस्पतिवार को यमकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय में प्रधान संगठन के अध्यक्ष दिनेश भट्ट की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों की बैठक हुई। उन्होंने बताया कि पंचायतराज मंत्री अरविंद पांडे ने समाचारपत्रों में ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों व सामग्री क्रय करने में भ्रष्टाचार व करोड़ों का घोटाला होने संबंधी बयान प्रकाशित हुआ है, जिससे प्रधान संगठन में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त शासन नीति व पारदर्शी व्यवस्था का सभी ग्राम प्रधान समर्थन करते हैं, मगर बिना कारण व बिना आधार के ही प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों पर गंभीर आरोप लगाना समाज की नजर में अपराधी घोषित करना जैसा है। उन्होंने एसआईटी गठन की प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। वहीं ग्राम पंचायतों में सोशियल ऑडिट की प्रक्रिया को पूर्व की भांति रखे जाने की मांग की है। कहा कि सोशियल ऑडिट की नई नियमावली की जानकारी ग्राम प्रधानों के लिए जटिल है, नियमावली बनने से पहले कार्ययोजना को गांवों मेें संपन्न कराने को लेकर ग्राम प्रधानों से सुझाव व प्रशिक्षण कार्यशाला करने की जरूरत है। इस दौरान संगठन ने खेड़ा तल्ला के दिवंगत ग्राम प्रधान रामेश्वर बड़थ्वाल के निधन पर शोक श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान संगठन के महासचिव राजपाल राणा, विजयपाल नेगी, उपाध्यक्ष विजेंद्र विष्ट, मुकेश देवरानी, नितिन बडोला, रविंद्र नेगी, विनोद नेगी, गुलाब सिंह पंवार, रघुवीर सिंह सजवाण, आशीष रतूड़ी, किशन असवाल, विधाता देवी, राजेश्वरी देवी, यशपाल असवाल, अनिल नेगी, राजवीर नेगी, रविंद्र बिष्ट, पवित्रा देवी, अनिता देवी आदि मौजूद थे।