कर्णप्रयाग। नगर के आईटीआई वार्ड को सुभाषनगर से जोड़ने के लिए बहुप्रतीक्षित झूला पुल को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। यहां झूला पुल बनने से लोगों की राह आसान हो जाएगी। तहसील, इंटर कालेज सहित अन्य स्थानों की दूरी दो किमी तक घट जाएगी।
कर्णप्रयाग के पूर्व विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कर्णप्रयाग के लिए झूला पुल बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2014 में प्रारंभिक स्वीकृति के बाद वर्ष 2016 में पुल निर्माण के लिए वन अधिनियम की मंजूरी मिली, लेकिन धनाभाव होने से काम शुरू नहीं हो सका। व्यापार संघ के अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, प्रेमनगर निवासी ईश्वरी मैखुरी, सुभाषनगर के हेमंत सेमवाल सहित अन्य लोगों का कहना है कि अब तक आईटीआई के लोगों को अपर बाजार, तहसील, न्यायालय, विकास विभाग, जीआईसी और जीजीआईसी सहित जल निगम, जलसंस्थान आदि कार्यालयों में जरूरी काम पड़ने पर उमा देवी चौक सहित मुख्य बाजार होते हुए जाना पड़ता था, लेकिन पुल बनने से अब वह सीधे सुभाषनगर होते हुए पहुंचेंगे। साथ ही नगर की करीब दो हजार की आबादी को अब दो किमी की दूरी कम नापनी पड़ेगी। पुल को वित्तीय स्वीकृति मिलने पर व्यापार संघ अध्यक्ष बृजेश बिष्ट सहित अन्य ने वर्तमान विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया है। इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक नैथानी ने कहा कि पिंडर नदी पर 110 मीटर लंबे स्पान के झूला पुल के लिए 5 करोड़ 88 लाख की स्वीकृति मिली है, जिस पर जल्द निविदाएं आमंत्रित कर काम शुरू कर दिया जाएगा।