श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन में तालाबंदी की। इस दौरान कुलपति और छात्रों के अपनी-अपनी बातों पर अड़े रहने से मामला और गरमा गया। वार्ता किए बिना ही कुलपति के चले जाने से गुस्साए छात्रों ने प्रशासनिक भवन में कामकाज ठप करा दिया।
बुधवार को अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी के नेतृत्व में गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में जमकर विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की। कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय में छात्रों की समस्याओं के संबंध में वार्ता करना चाहते थे, लेकिन कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कार्यालय के बजाय कुलपति सचिवालय में वार्ता करने की बात कही, जिस पर अभाविप कार्यकर्ता राजी नहीं हुए। अभावित कार्यकर्ताओं को रुख देख कुलपति अपने कार्यालय में लौट गई, जिससे आक्रोशित अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन में कामकाज ठप करा दिया। उन्होंने प्रशासनिक भवन स्थित प्रत्येक कार्यालय में जाकर कर्मचारियों काम करने से रोक दिया। बाद में अभाविप कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर तालाबंदी का धरना प्रदर्शन शुरू किया। संगठन के प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। कहा कि विवि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विवि का यही रुख रहा तो उन्हें उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में पूर्व छात्र महासंघ अध्यक्ष शैलेश मलासी, विनीत पोश्ती, ऋतांशु कंडारी, संदीप राणा, शुभम, नितिन, प्रज्ञा, ऋषभ, सागर, आशीष, गौरव आदि शामिल रहे।
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यह है मांगे
श्रीनगर। अभाविप कार्यकर्ता विवि में बीकॉम ऑनर्स, बीबीए कोर्स शुरू कराए जाने, सीबीसीएस सिस्टम को पूर्ण रूप से समाप्त करने, शिक्षकों के पदों को भरने, चौरास परिसर में एटीएम संचालित कराए जाने, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, विभिन्न कोर्सों एवं प्रमाण पत्रों में की गई शुल्क वृद्धि वापस लिए जाने सहित 22 सूत्री मांगों के लिए आंदोलित हैं।
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जय हो छात्र संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
श्रीनगर। अभाविप के आंदोलन के बाद अब जय हो छात्र संगठन ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। छात्रों का कहना है कि यदि 23 जुलाई को विद्या परिषद की बैठक में बीबीए व एमएचएम के पाठ्यक्रम स्वीकृत नहीं किए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बिड़ला परिसर के छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार ने कहा कि विवि प्रशासन ने बीबीए व एमएचएम पाठ्यक्रम पर विद्या परिषद की बैठक में चर्चा किए जाने का आश्वासन दिया था। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि 23 जुलाई को आयोजित होने वाली विद्या परिषद की बैठक में इन पाठ्यक्रमों के संचालन पर स्वीकृति नहीं दी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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कुलपति से नहीं दिया मिलने, छात्र धरने पर बैठे
डिग्री, माइग्रेशन, मार्कशीट सहित विभिन्न कार्यों से पहुंचे थे बाहरी राज्यों के छात्र
>> प्रशासनिक भवन बंद होने से छात्रों को झेलनी पड़ी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। गढ़वाल विवि में डिग्री, माइग्रेशन, मार्कशीट सहित अन्य कार्यों से पहुंचे दूर-दराज के छात्रों को प्रशासनिक भवन बंद होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समस्याओं के समाधान को लेकर छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे, लेकिन उन्हें कुलपति से नहीं मिलने दिया गया। विरोध स्वरूप छात्र कुलपति दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए।
बुधवार को बड़ी संख्या में विभिन्न कार्यों से गढ़वाल विवि पहुंचे बाहरी राज्यों से छात्रों को समस्या से जूझना पड़ा। लद्दाख से पहुंचे सरफराज अहमद ने कहा कि वह ट्रांसक्रिप्ट के लिए यहां पहुंचे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पाया। गोरखपुर से पहुंचे हर्षवर्धन ने बताया कि उन्होंने 2014 में डिग्री के लिए आवेदन किया था। तब से लेकर वह पांच से अधिक बार यहां पहुंच गए हैं, लेकिन उनकी डिग्री नहीं बन पाई। जबकि इलाहाबाद से पहुंचे प्रदीप कुमार राव ने कहा कि वह माइग्रेशन के लिए विवि में आए हुए हैं, जिसके लिए वह इधर से उधर भटकना रहे है। देहरादून से पहुंचे हिमांशु ने बताया कि उन्हें मार्कशीट चाहिए थी, लेकिन बन नहीं पाई। बताया कि समस्याओं के समाधान को लेकर वह कुलपति से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया। विरोध स्वरूप इन छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उधर, प्रभारी कुलसचिव एचएम अरोड़ा ने धरने पर बैठे छात्रों से वार्ता कर कहा कि प्रशासनिक भवन खुलने पर ही उनकी समस्या का समाधान हो पाएगा।