ब्यूरो/अमर उजाला ,ऋषिकेश।
शहर और समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए अल्टीमेटम-दर-अल्टीमेट देने बाद आखिरकार प्रशासन ने अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रशासन ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ ऋषिकेश-हरिद्वार राजमार्ग किनारे से करीब एक दर्जन खोखों को जेसीबी से हटा दिया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक नहीं चली।
मंगलवार को एसडीएम हर गिरि की अगुवाई में नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग डोईवाला डिवीजन के अधिकारियों और पुलिस फोर्स भरत विहार क्षेत्र में राजमार्ग किनारे से एक दर्जन खोखों को हटाने के लिए पहुंचे। डोईवाला डिवीजन के अधिकारियों ने पहले राजमार्ग की नपाई की। इसके बाद उन्होंने विभागीय भूमि पर जमे करीब एक दर्जन खोखों को जेसीबी से हटाना शुरू किया। जेसीबी चलते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया, मगर पुलिस फोर्स की मौजूदगी के चलते उनकी एक नहीं सुनी गई। एसडीएम ने बताया कि सड़कों से अतिक्रमण हटाने को प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। भरत विहार के बाद अब आईडीपीएल, श्यामपुर और नेपालीफार्म के आसपास से अतिक्रमण को हटाया जाएगा। बताया कि बैराज रोड पर कुछ लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटा लिया है, मगर कुछ लोग जमे हुए हैं। वह शीघ्र ही खुद नहीं हटे, तो जेसीबी से उन्हें हटाया जाएगा।
इधर प्रशासन बना हुआ है खामोश
ऋषिकेश । चंद्रभागा नदी के किनार विभाग से लेकर प्रशासन तक अतिक्रमणकारियों को दो बार नोटिस जारी कर हटने के निर्देश दे चुका है, लेकिन निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद भी प्रशासन अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। गंगा की सहायक नदियों पर पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए सख्त दिखने वाला प्रशासन एकाएक गहरी नींद में सो गया है। अतिक्रमणकारियों के राजनीतिक रसूख के चलते प्रशासन कार्रवाई के लिए बहाने तलाश रहा है। लिहाजा, नदी किनारे से अवैध बसावट नहीं हटने पर किसी भी वक्त जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है, लेकिन प्रशासन खामोश हुआ बैठा है। एसडीएम हर गिरि का दावा है कि जल्द ही अतिक्रमण को हटाया जाएगा।