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निमयों के बदलाव से परिवहन महासंघ खफा

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ब्यूरो/अमर उजाला ,ऋषिकेश।
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केंद्र सरकार की ओर से वाहन संचालन को लेकर रोजाना नए नियम तय करने से उत्तराखंड परिवहन महासंघ खफा हो गया है। उन्होंने छह सूत्रीय मांगों का पुलिंदा तैयार किया है। इसके साथ ही मांगों पर विचार करने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। लगातार बदलते नियमों के विरोध में शुक्रवार को सुबह आठ से शाम पांच बजे चक्काजाम करने का ऐलान किया गया है। चक्काजाम में ऑटो-थ्रीव्हीलर और मालवाहक वाहनों समेत निजी परिवहन कंपनियों की बसें भी शामिल हैं।
मंगलवार को चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड के समीप एक होटल में ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर उत्तराखंड महासंघ ने बैठक आयोजित चक्काजाम में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस दौरान महासंघ के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार रोजाना वाहन स्वामियों के हितों के विपरीत नियम बनाने में लगी है, जिससे वाहनों का संचालन करना काफी कठिन हो गया है। लिहाजा ऑटो-टैंपो, ट्रक और निजी परिवहन कंपनियों ने विरोध में सर्वसम्मति से शुक्रवार को चक्काजाम का निर्णय लिया है।
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बैठक में छह सूत्रीय मांगों पर विचार करने के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसका जिम्मा महासंघ के अध्यक्ष संजय शास्त्री को ही सौंपा गया है। मौके पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के महासचिव आदेश सैनी सम्राट, विक्रम महासंघ अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, ऋषिकेश ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष जगमोहन सकलानी, डोईवाला ट्रक यूनियन हरप्रीत, रामझूला टैक्सी यूनियन उपाध्यक्ष अमित पाल, विक्रम यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के पूर्व अध्यक्ष सुधीर राय, रूपकुंड अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी, टीजीएमओयू कॉरपोरेशन उपाध्यक्ष बलवीर सिंह रौतेला, मैक्सी कैब देहरादून के प्रधान प्रमोद नौटियाल, दून टाटा-सूमो यूनियन कमलेश प्रसाद डोभाल, सूमो-कमांडर यूनियन ऋषिकेश अध्यक्ष भगवान सिंह राणा, दून गढ़वाल मैक्सी कैब यूनियन रिस्पना पुल, देहरादून के अध्यक्ष सत्यदेव उनियाल, ट्रक-टिप्पर एसोसिएशन अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, मनोज ध्यानी, संजय चौधरी, राजेंद्र अग्रवाल, चंदन सिंह पंवार आदि मौजूद थे।

क्या है वाहन स्वामियों की मांगे
- वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम की राशि को सरकार उचित दर पर निर्धारित करे।
- दुर्घटनाग्रस्त वाहन के चालक पर गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई जा रही है, जोकि गलत है। दुर्घटना के कारण जाने बगैर ही सीधे गैर इरादतन हत्या की धारा लगाने का विरोध।
- पुराने व्यवसायिक वाहनों पर स्पीड गवर्नर गति नियंत्रक और एबीएस लॉक लगाने का विरोध।
- डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बीते वर्षों के मुकाबले अब रोजाना बढ़ोतरी का विरोध, डीजल-पेट्रोल में प्रति लीटर सड़क निर्माण का शेष एक रुपए था, जोकि अब बढ़ाकर आठ रुपए कर दिया गया है।
- परिवहन बसों में छह साल के बच्चे का टिकट नहीं लिया जाता है। वर्तमान में संभागीय परिवहन विभाग और प्रशासन छह वर्ष के बच्चे का भी टिकट काटने पर मजबूर कर रहा है और इस पर चालान भी किया जा रहा है।
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- हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर यात्राकाल में बाहरी प्रदेशों के वाहनों को ऋषिकेश तक ही आने की स्वीकृति दी जाए। पर्वतीय रूट पर स्थानीय व्यवसायिक वाहन ही यात्रियों को ले जाएं। इससे प्रदेश के मोटर उद्योग को संवर्धन हो सकेगा।
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