ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
सौर मास के अनुसार सोमवार से श्रावण मास विधिवत आरंभ हो गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाई और प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर और तीर्थनगरी के विभिन्न प्राचीन शिवालयों में दर्शन व जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। सोमवार को श्रावण मास के पहले सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा तटों व विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों की आमद शुरू हो गई थी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने त्रिवेणीघाट, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम,तपोवन,लक्ष्मणझूला आदि क्षेत्रों में गंगातटों व घाटों पर मोक्षदायिनी में श्रद्धा की डुबकी लगाई और विभिन्न शिवालयों की ओर रुख किया।
इस दौरान विभिन्न शिवालयों में स्थानीय और ग्रामीण इलाकों के श्रद्धालुओं की अधिक भीड़भाड़ रही। सोमवार को श्रावण मास पर उन्होंने पौराणिक नीलकंठ धाम, तीर्थनगरी स्थित प्राचीन वीरभद्र महादेव मंदिर, पौराणिक सोमेश्वर महादेव मंदिर, श्रीचंद्रेश्वर महादेव मंदिर, मुनिकीरेती के कैलास आश्रम स्थित अभिनव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, स्वर्गाश्रम स्थित प्राचीन श्रीरामेश्वर महादेव मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और पूजा अर्चना की।