श्रीनगर। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से लोगों ने स्वयं अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। कार्यदायी संस्था लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने परिसंपत्तियों के स्वामियों/अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है। इसके बाद विभाग स्वयं अतिक्रमण हटाएगा।
लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड श्रीनगर के अधीन मुनि की रेती से सिरोहबगड़ के बीच बाजारी क्षेत्रों में 132 स्थायी/अस्थायी निर्माण कार्य हटाए जाने हैं। इसमें से 98 टिहरी जिले (ब्यासी, देवप्रयाग, तीनधारा, कीर्तिनगर) और 34 पौड़ी जिले (उफल्डा, श्रीनगर, श्रीकोट) में चिहिृृत किए गए हैं। बाजार क्षेत्र में सड़क की कुल चौड़ाई 10 मीटर तय की गई है। इसमें से 7 मीटर चौड़ाई में डामरीकरण होगा। इससे काफी कम क्षेत्र अतिक्रमण की दायरे में आ रहा है।
मुआवजा वितरण और भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया खत्म होने के बाद प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को अपना निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन यात्रा सीजन शुरू होने पर लोनिवि की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। लोनिवि के ढीला पड़ने पर संबंधित लोगों ने भी अतिक्रमण नहीं हटाया। अब यात्रा कम होने पर लोनिवि ने पुन: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। लोनिवि की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित भवन स्वामियों से वार्ता की गई है। इसके बाद शुक्रवार से कुछ लोगों ने स्वयं अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए गए। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मनोज बिष्ट ने बताया कि लगभग 130 किलोमीटर क्षेत्र में सरकारी/गैर सरकारी भूमि से 132 स्ट्रक्चर हटाए जाने हैं। उक्त भूमि अब राजमार्ग की है। प्रशासन के माध्यम से मुआवजा वितरित कर दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को एक हफ्ते का समय दिया गया है।