ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में खाद्य सामग्री की जांच करने पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की फूड टेस्टिंग वैन में आंचल के दूध का सैंपल फेल हो गया है। आंचल के दूध का सैंपल फेल होने से अब दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। उत्तराखंड में सबसे अधिक आंचल दूध की खपत होती है। विभागीय अधिकारी अब इसकी रिपोर्ट दुग्ध विभाग को भेजने की तैयारी में हैं।
बृहस्पतिवार को विभागीय वैन पहले मुनिकीरेती नगर पालिका के समीप पहुंची और इसके बाद तपोवन बाजार में स्थानीय लोगों के खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीसी जोशी ने बताया कि नागरिक दूध, दही, तेल और मसाले आदि के 20 नमूने लेकर उनकी जांच कराने के लिए पहुंचे। बताया कि लैब में दूध के दो नमूनों की जांच के दौरान उनमें मानक के अनुरूप फैट नहीं पाया गया, जिसके चलते यह सैंपल फेल हो गए।
बताया कि इनमें एक सैंपल सहकारी दुग्ध संघ, देहरादून से निकलने वाले आंचल दूध का जबकि दूसरा नमूना स्थानीय डेयरी से खरीदे गए दूध का था। आंचल का प्रोडक्ट फेल होने के बाबत दुग्ध विभाग को इसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है। जोशी के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति से महज 50 रुपये का निर्धारित शुल्क लेकर खाद्य पदार्थों के नमूूनों की जांच की गई। शुक्रवार को भी क्षेत्र में लोगों के खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।
मुनिकीरेती में जन-जागरुकता शिविर
विभाग की ओर से मुनिकीरेती क्षेत्र में लोगों को मिलावटखोरी से बचाने के लिए जन-जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें लोगों को खाद्य सुरक्षा के संबंध में अहम जानकारियों से अवगत कराया गया। मौके पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, खाद्य विश्लेषक रमेश जोशी, पूर्व प्रधान रोशन रतूड़ी आदि मौजूद थे।