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12 घंटे बंद रहा कालसी-चकराता मोटर मार्ग

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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर बारिश के बीच जगह-जगह मलबा आने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। करीब 12 घंटे तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। यात्रियों को वाहनों में ही रात गुजारनी पड़ी। फसलें भी सही समय पर मंडी तक नहीं पहुंच सकी। जिसके चलते काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मंगलवार सुबह 11 बजे लोनिवि की जेसीबी ने मलबा हटा सड़क पर यातायात बहाल कराया।
पहाड़ी अंचलों में सोमवार देर रात 11 बजे शुरू हुई बारिश के बीच जजरेट, असनाड़ी, चापनू, जड़वाला के पास जगह-जगह पहाड़ी के दरकने से भारी मलबा आ गया। जिससे सड़क पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह से थम गई। सुबह 11 बजे तक जजरेट के पास पहाड़ी से पत्थरों और मलबा के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। मलबा गिरने की रफ्तार थमने के बाद लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सड़क पर यातायात बहाल कराया।
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मलबा आने से सड़क के दोनों ओर करीब दो किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। लोगों को वाया कालसी-बैराटखाई और हरिपुर-क्वानू होते हुए सफर करना पड़ा। फसलों के सही समय पर मंडी न पहुंचने से काश्तकारों को वाजिब दाम नहीं मिल सका। उन्हें अपनी फसलों को औने-पौने दाम पर बेचना पड़ा। मालूम हो कि कालसी-चकराता मोटर मार्ग को जौनसार बावर का प्रवेश द्वार कहा जाता है। इस सड़क से 80 से अधिक गांव की आबादी जुड़ी हुई है। कई गांवों के लिए इसी सड़क से छोटे-बड़े मार्ग कटते हैं। ऐसे में इस मार्ग के बंद होने से इन सभी गांव का संपर्क पूरी दुनिया से कट जाता है। लंबे समय से लोग जजरेट के पास पहाड़ी से लुढ़कते पत्थरों को देखते हुए पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है।

रास्ता बंद, शिक्षक पहुंचे लेट
साहिया। कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर मलबा आने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगने से कई शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। जिसके चलते यह स्कूल या तो देर से खुले या फिर इनमें ताला लटका रहा। शिक्षकों के न आने से छात्र स्कूल परिसर में यहां-वहां घुमते मिले। राकेश तोमर उत्तराखंडी, प्रधान रणवीर चौहान, गजेंद्र जोशी, विपिन जोशी, मोहन शर्मा, जनक सिंह आदि का कहना है कि जौनसार बावर क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाने वाले ज्यादातर शिक्षक रोजाना विकासनगर, देहरादून, ऋषिकेश और डोईवाला क्षेत्र से अप-डाउन करते हैं। जिसके चलते रास्ता बंद होने के कारण शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। जिसका असर छात्रों की पढ़ाई पर पढ़ता है। लंबे समय से अभिभावक ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लेकिन विभाग उनकी मांग को अनसुना कर रहे हैं।
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बंद स्कूलों की सूची कालसी और चकराता के खंड शिक्षाधिकारियों से मांगी गई है। स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - आरके कुंवर, अपर शिक्षा निदेशक
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