ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
स्पर्श गंगा विंग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी को सम्मानित किया गया। इस दौरान वर्तिका ने अपनी समुद्री यात्रा के अनुभव साझा किए। वर्तिका ने पर्यावरण संवर्धन पर जोर दिया और लोगों से सहायक नदियों में कूड़ा-कचरा नहीं डालने का नैतिक संकल्प लेने का आह्वान भी किया।
नगर निगम के स्वर्ण जयंती सभागार में मंगलवार को स्पर्श गंगा अभियान विंग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आरुषि पोखरियाल निशंक ने विंग की ओर से लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी को सम्मानित किया। इस दौरान वर्तिका ने अपनी समुद्री यात्रा के अनुभव साझा किए। वर्तिका ने बताया कि उनके छह सदस्यीय दल का समुद्री अभियान बहुत चुनौतिपूर्ण था, जिस टास्क को उन्होंने तमाम जोखिमों के बीच 40 हजार किलोमीटर की समुद्री यात्रा के बाद पूरा किया। उन्होंने स्पर्श गंगा अभियान की सराहना की और गंगा व अन्य सहायक नदियों को कचरा मुक्त करने का आह्वान किया। वर्तिका ने कहा कि नदियों में उड़ेला गया कूड़ा कचरा आखिरकार समुद्र तक पहुंचता है। इससे हमारा पर्यावरण बिगड़ रहा है अैर इसका दुष्प्रभाव जीवन पर पड़ रहा है। साथ ही समुद्र में जमा कचरे से जलीय जीव-जंतुओं पर भी इसका असर पड़ता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि आरुषि पोखरियाल निशंक ने कहा कि वर्तिका में मोक्षदायिनी गंगा के लिए कार्य करने का जज्बा है। लिहाजा वह चाहती हैं कि वह भी स्पर्श गंगा मुहिम से जुड़ें। इस अवसर पर स्पर्श गंगा विंग की संयोजक सरोज डिमरी, जयंत किशोर, स्नेहलता शर्मा, दिनेश सती, चेतन शर्मा, पंकज शर्मा, आशा रौथाण, शिव सिंह तोमर, राजेश गौतम, कोमल राजपूत, दुर्गा देवी, रीना शर्मा, मोनिका गर्ग, सुंदरी कंडवाल, शीला पंत, रोमा सहगल, विकास कठैत, संजय शर्मा, विरोजनी भट्ट, माहित, रेणुका पंवार, शिवानी, राजबाला, हरिचरण आदि मौजूद रहे।