गोपेश्वर। चमोली जिले में कई प्राथमिक और इंटरमीडिएट कालेज के भवन जीर्ण-शीर्ण हाल में हैं। इन्हीं जर्जर स्कूल भवनों में कक्षाओं का संचालन हो रहा है। जिले के 962 में से 30 प्राथमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं, जबकि 250 माध्यमिक विद्यालयों में से जीजीआईसी गौचर और जीआईसी माणा-घिंघराण के भवन अब पुराने हो चुके हैं। इन भवनों की छत की लकड़ी सड़ गई हैं और दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। ये विद्यालय भवन एक भी भूकंप का झटका तक सहन नहीं कर सकते हैं।
प्राथमिक विद्यालय हीण-तोलना, कमेड़ा, कोथरा, रैंस, मथकोट, किमाणा, बंदरखंड, गनोली, थापली, सेरागाड, ग्वालदम, बूंगा, वाण, उडीबगड़, मुंदोली, मल्ला, सेम, सिमखोली, आली, जिलासू, श्रीगढ़, हरमनी मल्ली, सनेड़, आगर, जाख, बेडगांव, भटियाणा, भुलियाणा, क्वेल और घंडियाल के भवन जीर्ण-शीर्ण बने हुए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि विद्यालय भवनों की मरम्मत, चहारदीवारी और अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के लिए जिला योजना से करीब साढ़े छह करोड़ की मांग की गई है। जल्द ही विद्यालय भवनों की स्थिति सुधार ली जाएगी। बारिश होने पर विद्यालय प्रशासन को सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।