पोखरी। ग्राम पंचायत नैल, सिदेली, कुलेंडू और गुड़म गांव में गौचर, श्मशान और पनघट की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को हटाने की मांग पर चार दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिला व तहसील प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी है। मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन स्थगित किया जाएगा।
ग्रामीणों ने दो जुलाई से अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र के रिगजखाल तोक में क्रमिक अनशन शुरू किया था। अभी तक मामले में कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में तब्दील कर दिया। पुष्पा देवी, सावित्री देवी और बसंती देवी आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। अनशन स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि रिगजखाल में ग्रामीणों की गौचर, श्मशान और पनघट है, लेकिन एक व्यक्ति की ओर से यहां अवैध रूप से कब्जा कर काश्तकारी की जा रही है। तहसील प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अनशन के समर्थन में गुड़म की प्रधान गुड्डी देवी, दीपा देवी, जीत सिंह नेगी, जमिता देवी, रुक्मणी देवी, बीना देवी, राधा, देवेश्वरी, सुशीला, रघुनाथ सिंह, मुकेश सिंह, अरविंद सिंह, सुनील सिंह, चैत सिंह, मंगल सिंह और दर्शन सिंह आदि बैठे।