श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के दस्तावेज जलाने के मामले में जांच पूरी हुए बिना ही संलिप्त अधिकारी को प्रतिनियुक्ति के नाम पर रिलीव कर दिया गया है। वहीं संस्थान का कहना है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उक्त अधिकारी को रिलीव किया गया है। जबकि जांच चलती रहेगी।
तीन दिन पूर्व एनआईटी परिसर में संस्थान के दस्तावेज जलाने का मामला सामने आया था। मामले में एक अधिकारी की संलिप्तता सामने आने पर निदेशक प्रो. एसएल सोनी ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच पूरी हुए बिना ही मामले में संलिप्त अधिकारी को प्रतिनियुक्ति के नाम पर रिलीव कर दिया गया है। संस्थान के अनुसार संबधित अधिकारी को केंद्र सरकार के प्रतिष्ठान में एक साल की प्रतिनियुक्ति मिली है। अधिकारी को पहले ही रिलीव किया जाना था, लेकिन मामले की वजह से अधिकारी की रिलीविंग रुकी हुई थी। सीवीओ की संस्तुति पर उसको रिलीव कर दिया गया।
बुधवार शाम कमेटी ने सीवीओ (मुख्य सतर्कता अधिकारी) को रिपोर्ट सौंप दी थी। कमेटी की अनुसार अधिकारी को जांच के लिए बीच में बुलाया जाएगा। एनआईटी के रजिस्ट्रार कर्नल सुखपाल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी को रिलीव कर दिया गया है।