श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से 14 लैब (प्रयोगशालाएं) स्थापित होंगी। खास बात यह है कि इसमें संस्थान को कुल लागत का सिर्फ 15 फीसदी ही वहन करना पड़ेगा, लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा, जब एनआईटी का स्थायी कैंपस बन जाएगा।
वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी उत्तराखंड वर्तमान में पॉलीटेक्निक/आईटीआई श्रीनगर के अस्थायी भवनों में संचालित हो रहा है। स्थायी कैंपस के लिए पूर्व में सुमाड़ी में जगह चयनित की गई थी, लेकिन निर्माण के लिए भूमि के अनुपयुक्त पाए जाने पर अब जलेथा में जमीन देखी गई है। यहां ग्रामीणों ने भूमि दान करने के लिए एनओसी दे दी है। फिलहाल स्थायी कैंपस के बनने में वक्त लगेगा। संस्थान ने परिसर में 14 प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना बनाई है। इन प्रयोगशालाओं में एनआईटी के छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी ने बताया कि लैब स्थापना के लिए एक कंपनी से वार्ता चल रही है। कंपनी कुल लागत का 85 फीसदी वहन करेगी। इस पर सहमति बन गई है। स्थायी कैंपस का निर्माण के साथ ही लैब भी स्थापित कर दी जाएंगी। बताया कि इन प्रयोगशालाओं का फायदा स्थानीय युवा भी उठा सकेंगे। युवाओं को लैब में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।