ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
धुमाकोट बस हादसे पर परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने ओवरलोडिंग में अपने ही विभाग के सचल दस्ते और पुलिस के वाहन चेकिंग अभियान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग रोकने में सरकारी तंत्र फेल है। इशारों ही इशारों में उन्होंने लोक निर्माण विभाग पर भी गुस्सा जाहिर किया है। सोमवार को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ऋषिकेश एम्स में भर्ती धुमाकोट बस हादसे के घायलों का हालचाल जानने पहुंचे। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत में उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही। बताया कि विभाग फिलहाल हादसे के कारणों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। तथ्य सामने आते ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
कहा कि परिवहन विभाग का सचल दस्ता और पुलिस भी हादसे के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। आर्य ने कहा कि परिवहन, लोनिवि, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को मिलकर इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए काम करने की जरूरत है। कहा कि परिवहन विभाग ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों में सड़कों पर डेंजर जोन, ब्लैक स्पॉट और ब्लॉक होल चिह्नित किए हैं, जिन्हें सुधारा जा रहा है। बताया कि सरकार नया बस बेड़ा खरीद रही है, जिसके बाद समय पूरी कर चुकी निगम की बसों को हटाकर नई बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया जाएगा। कहा कि धुमाकोट हादसा सबक है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़ाई से काम किया जाएगा साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।