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मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में धरना शुरू

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कीर्तिनगर। शासन द्वारा मलेथा में दोबारा स्टोन क्रशर की स्थापना को मंजूरी दिए जाने के बाद यहां ग्रामीणों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। रविवार को विरोध स्वरूप मलेथा तिराहे पर ग्रामीणों ने तीन घंटे धरना दिया। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि क्रशर निरस्त नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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स्टोन क्रशर की स्थापना को मिली मंजूरी का मलेथवासियों ने एकजुट होकर विरोध शुरू कर दिया है। वर्ष 2014 में शासन ने मलेथा और इसकी सीमा से सटे चौपड़ियों में एक साथ 5 क्रशरों के संचालन की अनुमति दी थी। इसके विरोध में 13 अगस्त 2014 से जन आंदोलन शुरू हुआ। 4 जुलाई 2015 को गढ़वाल मंडल आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने क्रशर स्वीकृति के शासनादेश रद्द कर दिए थे, लेकिन अब दोबारा इन क्रशरों को संचालित करने की कार्रवाई चल रही है। इसके विरोध में विगत 11 जून को शासन को ज्ञापन भी भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आयुक्त की रिपोर्ट को शिथिलता देकर क्रशर संचालन की प्रक्रिया चल रही है। कहा कि कोर्ट की अवमानना कर एक क्रशर नवीनीकरण का शासनादेश जारी किया गया है। कहना है कि विरोध के बावजूद क्रशर चलाने की कोशिश की जा रही है। धरने में स्टोन क्रशर जन संघर्ष समिति की अध्यक्ष विमला देवी, देव सिंह नेगी, खेम सिंह चौहान, रामेश्वरी नेगी, राजकुमारी, गुड्डी देवी, बचन सिंह राणा व रघुनाथ सिंह आदि बैठे।
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