श्रीनगर। पेयजल योजना का स्रोत सूखने से लोस्तु बडियारगढ़ क्षेत्र के तीन गांवों के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे है। ग्रामीण पानी के लिए प्राकृतिक जलस्रोत व हैंडपंपों से प्यास बुझाने को मजबूर है।
विकास खंड कीर्तिनगर की अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामपंचायत देवगढी, गहड़ व खोला के ग्रामीण विगत कई सालों से पेयजल समस्या से जूझ रहे है। पेयजल योजना का जल स्रोत सूख जाने से ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्राम प्रधान दर्शन सिंह भंडारी ने बताया कि वर्ष 2012 में बादल फटने से योजना का जल स्रोत व पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना की मरम्मत भी करवाई गई, लेकिन मरम्मत के कुछ समय बाद योजना का जल स्रोत भी सूख गया, जिससे उक्त गांवों में योजना से पानी की आपूर्ति ठप हो गई। तब से ग्रामीण हैंडपंप व प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर है। बताया कि गांवों के लिए दूसरे पेयजल स्रोत से योजना निर्माण के लिए कई बार शासन प्रशासन से गुहार लगाई गई , लेकिन आज तक गांव के लिए पेयजल योजना स्वीकृत नही हो पाई है। दूसरी ओर पेयजल निगम देवप्रयाग के अधिशासी अभियंता राकेश तिवारी ने बताया कि उक्त गांवों की पेयजल योजना के लिए एससीपी के तहत समाज कल्याण विभाग व जिला योजना में 37.67 लाख का इस्टीमेट भेजा गया है। जोकि वर्ष 2033 तक के लिए डिजायन किया गया है। स्वीकृत होने पर पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।