श्रीनगर। रेलवे के 11 हजार पदों को समाप्त किए जाने की सरकार की घोषणा पर आइसा ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार रोजगार देने के बजाय रोजगार के अवसर समाप्त कर रही है। आइसा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को आइसा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज रेलवे परीक्षा तिथि घोषित करने व 11 हजार पदों को समाप्त करने की केंद्र सरकार की घोषणा को निरस्त करने की मांग की है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने हर वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन सरकार रोजगार देना तो दूर रोजगार के अवसर ही समाप्त कर रही है। सती ने कहा कि रेलवे को रोजगार का सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है, लेकिन रेलवे की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। आइसा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज परीक्षा तिथि घोषित करने व पदों को समाप्त करने की घोषणा को निरस्त करने की मांग की है।