श्रीनगर। गढ़वाल विवि के कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर विवि प्रशासन के खिलाफ टिप्पणी करना भारी पड़ गया। कुलसचिव ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 3 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के कर्मचारियों की ओर से व्हट्सएप पर विश्वविद्यालय समाचार नाम से एक ग्रुप संचालित किया जा रहा है, जिस पर विवि प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कुलसचिव डा. एके झा ने ग्रुप के एडमिन मंडल के नरेश चंद्र खंडूड़ी (सहायक अभियंता विद्युत विभाग), मनोज रतूड़ी (डाटा एंट्री ऑपरेटर) व कार्यालय अधीक्षक संजय चमोली को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है, कि उक्त ग्रुप में समय-समय पर विवि के अधिकारियों व अन्य क्रियाकलापों पर दोषारोपण, प्रश्न चिन्ह लगाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। पूर्व में 30 जनवरी को भी इन टिप्पणियों व पोस्ट के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। बावजूद ग्रुप के सदस्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अब पुन: इस मामले में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस बार ग्रुप में विवि की कार्य परिषद ओर से गठित जांच समिति सदस्यों के प्रति भी अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। वहीं नोटिस पर कर्मचारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। नरेश खंडूड़ी ने कहा कि यदि प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया तो उन्हें आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके अलावा कुलसचिव डा. एके झा ने विवि के अमीन कम पटवारी संतोष मंमगाई को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोष मंमगाई पर कार्य परिषद की ओर से गठित 3 सदस्यीय जांच कमेटी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। उनसे भी 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।