गोपेश्वर। प्रदेश के वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि जिला योजना के बजट की 60 फीसदी धनराशि अधूरे पड़े विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी, जबकि शेष 40 फीसदी बजट नए कार्यों पर खर्च होगा। विभागीय अधिकारियों से उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक आबादी को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दें।
प्रभारी मंत्री ने बृहस्पतिवार को यहां जिला सभागार में आयोजित बैठक में जिला योजना के लिए शासन से आवंटित 40.85 करोड़ रुपये के बजट का अनुमोदन किया। बजट में विगत वर्ष के मुकाबले 21.68 फीसदी की कटौती हुई है। इस वर्ष शासन से जिला योजना के लिए 40.85 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्ष 2017-18 में 52 करोड़ 15 लाख का बजट प्रस्तावित किया गया था।
प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत ने अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग की ओर से प्रस्तावित कार्यों पर डीपीसी सदस्य भड़क गए। उनका कहना था कि उनके एक भी प्रस्ताव को सिंचाई विभाग ने योजना में शामिल नहीं किया है। प्रभारी मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को डीपीसी सदस्यों के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि अधूरी योजनाएं पहले पूरी की जाएंगी। डीपीसी सदस्य मनोज भंडारी व देवेंद्र सिंह नेगी ने भी अपने क्षेत्र की पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया।
योजनाओं के संचालन को तैनात करें नोडल आफिसर : पंत
रुद्रप्रयाग। वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि विभागीय योजनाओं के सफल संचालन व देखरेख के लिए न्याय पंचायत स्तर पर नोडल आफिसर नियुक्त किए जाएं। जिला योजना के नियोजन पर खास ध्यान दिया जाए। एक साथ कई योजनाओं को वर्षों में पूरा करने के बजाय एक वर्ष के लिए एक योजना तैयार करें, ताकि जनता को समय रहते योजना का लाभ मिल सके।
वर्ष 2017-18 जिला योजना में विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजना के सफल संचालन में जनता का सहयोग व भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को बीज, यंत्र वितरण, सहकारिता के तहत लोन वितरण, पौधारोपण आदि कार्यों तक ही सीमित नहीं रहने की सलाह देते हुए कहा कि नियमित फॉलोअप लेने से योजनाओं का कार्य सही होगा और अधिकाधिक लोग लाभान्वित होंगे। बैठक में विधायक भरत सिंह चौधरी, विधायक मनोज रावत, डीएम मंगेश घिल्डियाल, एसपी पीएन मीणा, सीडीओ डीआर जोशी, प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, पीडी एनएस रावत सहित आदि मौजूद थे।
जिले में बनेंगी कृत्रिम झील
रुद्रप्रयाग। प्रभारी मंत्री ने सिंचाई विभाग को जनपद में भूमि चिह्नित कर कृत्रिम झील बनाने को कहा। इस झील का उपयोग सिंचाई, मत्स्य पालन व पेयजल के लिए किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग को झील की डीपीआर तैयार कर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए, जिससे योजना में धन जल्द आवंटित किया जा सके। ब्यूरो
प्रभारी मंत्री का ढोल-नगाड़ों के साथ किया स्वागत
गोपेश्वर। जनपद के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत के पहली बार जिले में पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, दशोली मंडल के अध्यक्ष हर्षवर्द्घन मैठाणी, नीलम सिंह नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख अयोध्या हटवाल, महावीर रावत, रघुवीर बिष्ट, नवल भट्ट, अवधेष रावत, मोहन सिंह नेगी, सतेंद्र असवाल, वीरेंद्र असवाल, अनीता डिमरी, भागीरथी कुंजवाल, पुष्पा पासवान आदि मौजूद थे।
हल नहीं हुई रेल लाइन प्रभावितों की समस्याएं
गौचर। रेल लाइन प्रभावितों ने प्रभारी मंत्री पंत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताई। प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष और भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष गजेंद्र नयाल ने कहा कि पालिका क्षेत्र के भटनगर, पनाई, शैल, बंदरखंड, रावलनगर, बसंतपुर सहित अन्य तोकों के 1270 परिवार प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से प्रभावित हैं। प्रशासन सभी अंशधारकों को मुुआवजा दे रहा है, जबकि मुआवजा केवल वास्तविक मालिक को ही दिया जाना चाहिए। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर पूर्व विधायक अनिल नौटियाल, मनीष चौहान, जयकृत बिष्ट, दलवीर कनवासी, भगवती प्रसाद खंडूड़ी, दिनेश बिष्ट, सुनील पंवार, अनिल नेगी, कैलाश केडियाल, राकेश लिंगवाल सहित रेल प्रभावित काश्तकार मौजूद थे। ब्यूरो