गौचर। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के प्रभावित काश्तकारों ने प्रशासन की मुआवजा वितरण प्रणाली पर रोष जताते हुए राजस्व उप निरीक्षक चौकी में धरना दिया। प्रभावितों ने मुआवजा वितरण प्रणाली में बदलाव नहीं होने तक मुआवजा वितरण पर रोक लगाने की मांग की।
प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन से प्रभावित होने वाले किसानों को प्रशासन की ओर से मुआवजा वितरण किया जा रहा है। भट्टनगर, पनांई, शैल, बंदरखंड, रावल नगर, बसंतपुर और इससे लगे तोकों के 1270 परिवारों को 1 अरब 29 करोड़ 88 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना है। इनमें से अभी तक 50 करोड़ की धनराशि प्रभावितों के बैंक खातों में डाल दी गई है, लेकिन प्रभावितों का कहना है कि मुआवजे की राशि खाताखतौनी (गोलखाते) के सभी अंश धारकों के नाम पर डालने के बजाय उस जगह रह रहे व्यक्ति को दी जाए जिसकी जमीन रेल लाइन में जा रही है। प्रभावितों ने प्रशासन की मुआवजा वितरण प्रणाली पर रोष जताते हुए राजस्व उप निरीक्षक चौकी में धरना दिया। उन्होंने मुआवजा वितरण प्रणाली में बदलाव लोन की मांग की। धरना देने वालों मेें निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, पूर्व सभासद अनिल नेगी, सुनील पंवार, जीवन सिंह सजवाण, गोविंद सिंह नेगी, राजा खत्री, नवीन टाकुली, संदीप नेगी, पंकज, संतोष आदि शामिल थे। एसडीएम कर्णप्रयाग जीआर बिनवाल ने बताया कि रेलवे लाइन प्रभावितों को मुआवजा नियमानुसार दिया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं के मामलों की जांच कर इनके निराकरण के प्रयास किए जा रहे हैं।