ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
तीन जिलों की पांच नगर निकायों के लिए जल्द कूड़ा निस्तारण की मुक्कमल व्यवस्था होगी। नगर निगम ऋषिकेश ने वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 20 हेक्टेयर वन भूमि तलाश ली है। संयुक्त सर्वे के बाद लैंड ट्रांसफर के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को आवेदन कर दिया गया है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद अधिकारियों ने जताई है। देहरादून जिले की ऋषिकेश, डोईवाला, टिहरी जिले की मुनिकीरेेती और नरेंद्रनगर व पौड़ी जनपद की स्वर्गाश्रम जौंक निकाय के पास अभी तक कूड़ा निस्तारण के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, जिसके चलते लगातार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से लगातार निकायों को सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
वन विभाग की ऋषिकेश रेंज के भीतर लालपानी में नोडल एजेंसी नगर निगम ऋषिकेश, राजस्व और फारेस्ट ने संयुक्त सर्वे के बाद 20 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की है। दावा है कि जल्द ही मंत्रालय आवेदन पर सहमति प्रदान करेगा, जिसके बाद लालपानी में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट डेवलेप किया जाएगा। निकायों से निकलने वाले कचरे का प्लांट में ट्रीटमेंट किया जाएगा। प्लास्टिक आदि को अलग कर अवशेष कूड़े से जैविक खाद बनाई जाएगी। जबकि अन्य कचरे को डिस्पोज करने के लिए प्लांट में अलग से वैज्ञानिक निस्तारण स्थल बनाया जाएगा।
टिहरी प्रशासन देगा 40 हेक्टेयर भूमि
नगर निगम को पर्यावरण मंत्रालय से 20 हेक्टेयर भूमि वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए मिल जाती है, तो उक्त भूमि पर लगे पेड़ों व जमीन की भरपाई टिहरी जिले का प्रशासन करेगा। टिहरी प्रशासन ने इसके लिए हामी भी भर दी है। नोडल एजेंसी के मुताबिक 20 हेक्टेयर की जगह टिहरी जिले में वन विभाग को 40 हेक्टेयर राजस्व भूमि दी जाएगी।
डीपीआर की जा रही तैयार
लालपानी में प्रस्तावित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की भूमि की चहारदीवारी व अन्य निर्माण कार्यों के लिए नोडल एजेंसी नगर निगम ऋषिकेश ने डीपीआर तैयार करनी शुरू कर दी है। जमीन मिलने के बाद डीपीआर को स्वीकृति के लिए शासन को प्रेषित किया जाएगा।
कोट्स
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को लैंड ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद उक्त भूमि पर चहारदीवारी का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद उसमें वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए बजट शासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।
उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, ऋषिकेश