ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
आखिरकार लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन को यमकेश्वर प्रखंड के एकमात्र व महत्वपूर्ण मार्ग लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे की सुध आ ही गई। विभाग की ओर से मार्ग का डामरीकरण शुरू कर दिया गया है। लक्ष्मणझूला-कांडी राष्ट्रीय राजमार्ग यमकेश्वर, द्वारीखाल व दुगड्डा प्रखंड से जुड़े लगभग चार सौ गांवों व प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर को तीर्थनगरी से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क संपर्क मार्ग है, जोकि देखरेख व रखरखाव के अभाव में जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुका था।
अमर उजाला ने हजारों तीर्थयात्रियों व ग्रामीणों से जुड़ी आवागमन की समस्या को बीते शुक्रवार को ‘सिस्टम की अनदेखी से बदहाल तीर्थनगरी क्षेत्र, बढ़ रहा आक्रोश’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन ने मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। लक्ष्मणझूला से कांडी की ओर कार्य शुरू किया गया है। विभाग फिलहाल गरुड़चट्टी के समीप टूट पहाड़ तक सड़क का निर्माण कार्य करा चुका है।
इसके अलावा विभाग ने हाईवे के बैराज-लक्ष्मणझूला पैच और स्वर्गाश्रम-लक्ष्मणझूला के मध्य कई स्थानों पर बने गड्ढों में भी पैचवर्क किया है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, भगत सिंह पयाल का कहना है कि कई वर्षों से मार्ग पर मरम्मत व निर्माण कार्य नहीं होने से बने गड्ढों के कारण हर रोज हजारों लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मार्ग की मरम्मत के बाद यमकेश्वर आदि प्रखंडों के ग्रामीणों व नीलकंठ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग पर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
महत्वपूर्ण पैच को छोड़ा
विभाग की ओर से स्वर्गाश्रम से लक्ष्मणझूला पुल तक मार्ग पर पड़े गड्ढों पर तो पैचवर्क किया गया है, मगर झूला पुल से दोबाटा तक के पैच को छोड़ दिया गया है। जबकि उक्त पैच तीर्थयात्रियों की आमद के लिहाज से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस पैच में कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिनसे अक्सर श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है।