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पौधे लगाकर खास अवसर को बनाएं यादगार

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- कालसी में 10 हेक्टेयर भूूमि पर होगा स्मृति वन का निर्माण, लगाने वाले को देनी होगी पौधे की कीमत
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विनीत शर्मा
कालसी। वन विभाग चकराता वन प्रभाग के करीब 10 हेक्टेयर भू-भाग में स्मृति वन तैयार करने जा रहा है। जिसमें 330 से भी अधिक प्रजातियों के पौधों को रोपा जाएगा। इस स्मृति वन की खास बात यह होगी कि यहां पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण जनता किया जाएगा।
वन विभाग ने दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर काली मंदिर के निकट करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ों को कटवा कर खाली हुई जगह पर इस स्मृति वन की परिकल्पना को साकार करने की योजना बनाई है। चकराता वन प्रभाग के डीएफओ दीपचंद आर्य ने बताया कि इस स्मृति वन में जड़ी बूटियों समेत 330 से भी अधिक प्रजातियों के पौधे लगाए जाने प्रस्तावित हैं। कोई भी व्यक्ति खास अवसर जैसे विवाह, जन्मदिन और पूर्वजों की स्मृति को संजोए रखने के लिए यहां पर पौधारोपण कर सकता है।
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इस स्मृति वन में पौधे मुर्झाए नहीं, इसके लिए यहां पर वन विभाग सिंचाई के लिए तालाब और छोटे-छोटे चैकडैम तैयार किए जा रहे हैं। जिससे पेड़ों को सिंचित करने के लिए 12 मास पानी उपलब्ध हो सके। इन पौधों का रखरखाव यूकेलिप्टिस के पेड़ों के कटान की एवज में मिली रकम से किया जाएगा। पौधे के समक्ष पौधे लगाने वाले की नाम प्लेट लगाई जाएगी। स्मृति वन में रखे गए अभिलेखों में भी पौधा लगाने वाले व्यक्ति, यादगार पल और पौधे का नाम दर्ज होगा।
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एक जुलाई से शुरू होगा अभियान
प्रभागीय वनाधिकारी दीपचंद आर्य ने बताया कि 1 जुलाई से स्मृति वन में पौधों का रोपने का काम शुरू हो जाएगा। प्रथम चरण में स्मृति वन का हिस्सा बनने के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति 30 जून तक प्रभाग के कालसी स्थित कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। पौधरोपण करने वाले व्यक्ति को मात्र पौधे की कीमत विभाग को देनी होगी। किस पौधे की कीमत क्या होगी यह अभी तय नहीं किया गया।
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इन प्रजाति के लगाए जाएंगे पौधे
जिनमें ब्राह्मी, अशोक, दालचीनी, तेजपत्ता, आंवला, स्टीविया, करौंदा, गुड़हल, पीपली, बेलपत्र, बड़ी इलायची, सूरत कुमारी, सर्पगंधा, जैतून, गिलोय, अंजीर, रुद्राक्ष समेत 330 से अधिक प्रजातियों के पौधे रोंपे जाएंगे।

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