ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
वर्षों बाद यमकेश्वर प्रखंड के वीरान पड़े सिंदूड़ी गांव में रौनक देखने को मिली। अवसर था रिवर्स पलायन विषय पर सिंदूड़ी के प्रवासियों की चिंतन बैठक के लिए गांव में एक साथ जुटना। इस दौरान नागरिकों ने चिंतन बैठक में प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने का निर्णय लिया। साथ ही सामूहिक संकल्प लिया कि यदि सरकार गांव को सड़क संपर्क से जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो वह फिर से अपने खंडहर हो चुके गांव को आबाद करेंगे और प्रदेश से गांव लौट जाएंगे।
रविवार को हुई बैठक में पारित प्रस्तावों को सिंदूड़ी विकास समिति ने बाकायदा शपथ-पत्र व प्रवासियों के हस्ताक्षर सहित राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया है। समिति से जुड़े चंद्रप्रकाश भट्ट ने बताया कि गांव को सड़क संपर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है, जिस पर सरकार आज तक गौर नहीं कर पाई है। चिंतन बैठक में सामूहिक संकल्प लिया गया कि यदि सरकार गांव को सड़क सुविधा से जोड़ देती है तो पलायन कर मैदानी क्षेत्रों और महानगरों में बसे प्रवासी वापस अपने गांव लौट आएंगे।
नागरिकों ने निर्णय लिया कि केंद्र व राज्य सरकार की ग्राम्य विकास से जुड़ी योजनाओं का गांव में क्रियान्वयन होने पर सभी लोग सहयोग करेंगे। साथ ही फल्दाकोट-सिंदूड़ी- बैरागढ़ प्रस्तावित मोटर मार्ग में पड़ने वाली भूमि पर सड़क निर्माण की स्थिति में ग्रामीण किसी भी प्रकार की व्यवधान नहीं करेंगे। चिंतन बैठक में प्रेमलाल भट्ट, गोविंद प्रसाद, विजय प्रसाद, रविंद्र भट्ट, रमेश चंद्र, मनोज कुमार, चंद्रप्रकाश भट्ट, शांति प्रसाद भट्ट, सत्यप्रकाश, मुकेश भट्ट, सविता बड़थ्वाल, कुंदन लाल, गोपाल दत्त, सुशील भट्ट, रामलाल भट्ट, आशीष, सोहन लाल बैलवाल, चमन प्रकाश, राजेंद्र प्रसाद बैलवाल संजय भट्ट, राजेंद्र प्रसाद, बंशीलाल, नरेंद्र प्रसाद, उमेश भट्ट, रामप्रसाद, जगदीश प्रसाद , कुंदन लाल, सुनील भट्ट, अर्जुन भट्ट, राजकमल बैलवाल, रामलाल बैलवाल, एसपी बैलवाल, सीएल बैलवाल, राजेंद्र भट्ट, राधेलाल, बस्तीराम, दीपक बैलवाल, विकास बैलवाल, शुभम भट्ट, सुमित बैलवाल आदि मौजूद थे।