ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
चालदा महासू महाराज की पालकी को लेने के लिए शुक्रवार को करीब 500 से अधिक लोग कोटा तपलाड़ से नराया गांव पहुंचे। जहां खत बमठाड़ के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। शाम को विशेष जागर का आयोजन किया गया। जिसमें लोक कलाकारों ने लोक संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी।
शनिवार को सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देव पालकी को मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला जाएगा। जिसके बाद तीन दिन की पैदल यात्रा तय करने के बाद 18 जून को देव पालकी कोटा तपलाड़ स्थित मंदिर में प्रवेश करेगी। देव पालकी 16 जून को बिरमऊ और 17 जून को रंगेऊ में रात्रि विश्राम करेगी। चालदा महाराज के पुजारी टीकाराम शर्मा ने बताया कि करीब 100 साल बाद देव पालकी कोटा तपलाड़ गांव में प्रवेश कर रही है। ऐसे में इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए 30 से 40 हजार लोगों के कोटा तपलाड़ में पहुंचने की उम्मीद है। इस मौके पर कोटा तपलाड़ के सदर स्याणा विजयपाल तोमर, लाखीराम, जवाहर सिंह ,शूरवीर, सूरत सिंह, रणवीर सिंह, शमशेर, टीकम आदि मौजूद रहे।