ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया। कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास हल्की बारिश से ही पहाड़ी ने दरकना शुरू कर दिया है। सोमवार को पहाड़ी से कई छोटे-बड़े बोल्डरों का लुढ़क गए। जिसके चलते लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि पिछले साल मानसून से सबक लेते हुए विभाग ने पहाड़ी को दरकने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। जिसका खामियाजा लोगों को मानसून के दौरान उठाना पड़ सकता है। मानसूनी बरसात अभी शुरू नहीं हुई कि इस हिस्से पर मलबे को रोकने के लिए बनाई गई दीवार का एक हिस्सा ढह गया है जबकि, 50 मीटर लंबी दीवार गिरने की कगार पर है। जिससे लोगों को रास्ता बंद होने का खतरा सताने लगा है।
इस सड़क को जौनसार बावर की लाइफलाइन कहा जाता है। 80 से अधिक गांवों के लिए इसी सड़क से कई संपर्क मार्ग जुडतेे हैं। हर साल जजरेट के पास पहाड़ी से पत्थरों के लुढ़कने और भारी मात्रा में मलबा आने से इस मार्ग पर आवाजाही बंद हो जाती है। जिसके चलते लोगों को गांव तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण रणवीर सिंह चौहान, सरदार सिंह तोमर, महावीर सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह पंवार आदि का कहना है कि तीन साल पूर्व लोक निर्माण विभाग ने मलबे को रोकने के लिए सड़क के इस हिस्से पर 56 करोड़ की लागत से करीब 250 मीटर लंबी दीवार का निर्माण कराया था, लेकिन अब यह पूरी दीवार टेढ़ी होकर गिरने के कगार पर है। दीवार के गिरते ही पूरे जौनसार बावर का संपर्क अन्य इलाकों से कट जाएगा। पिछले दिनों आवाजाही बाधित न हो इसके लिए विभाग ने जजरेट के पास पुल निर्माण की बात कही थी, लेकिन इस पर अब तक कोई भी कार्य नहीं हो सका है।
कोट :
दीवार को गिरने से बचाया जा सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर ही निर्माण कार्य शुरू कर पाना संभव हो सकेगा।
- डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया