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रिपोर्ट दर्ज नहीं करना पड़ा दारोगा को भारी

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ब्यूरो/अमर उजाला
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ऋषिकेश। दो साल पूर्व नौकरी लगवाने के नाम 50 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज नहीं करने पर राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने तत्कालीन श्यामपुर चौकी प्रभारी दीपक तिवारी को दोषी पाया है। प्राधिकरण ने उनके खिलाफ प्रमुख सचिव गृह को विभागीय कार्रवाई कर दंडित करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता मदन मोहन कंसवाल निवासी खैरीखुर्द के मुताबिक दो साल पहले उनके भाई सच्चिदानंद से दो लोगों ने 50 हजार की धोखाधड़ी की थी। बताया कि सच्चिदानंद से नौकरी के नाम पर रकम ठगी गई थी। 19 जनवरी 2016 को सच्चिदानंद ने श्यामपुर पुलिस चौकी पहुंचकर तहरीर दी, लेकिन तत्कालीन चौकी प्रभारी दीपक तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 25 जनवरी 2016 को मामले में एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर चौकी प्रभारी ने 12 मार्च 2016 को आरोपियों का बचाव करते हुए जांच रिपोर्ट एसएसपी को प्रेषित कर दी। कार्रवाई नहीं होने पर मदन मोहन ने 10 जून 2016 को राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत की। करीब दो साल तक प्राधिकरण ने मामले की सुनवाई की। इस बीच उपनिरीक्षक दीपक तिवारी को प्राधिकरण में पेश होने के लिए पीठ ने नोटिस जारी किए, लेकिन वह अपना पक्ष रखने के लिए भी नहीं पहुंचे।
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अधिवक्ता ने बताया कि मामले में नोटिस के बावजूद पीठ के सामने नहीं आने पर प्राधिकरण ने उनकी कार्यशैली को लापरवाह करार दिया। प्राधिकरण ने एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए उपनिरीक्षक दीपक तिवारी की ओर से कर्त्तव्य के पालन में बरती गई लापरवाही में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर दंडित करने की संस्तुति की है, जिसका आदेश प्रमुख सचिव गृह को भेज दिया गया है।
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