ब्यूरो/अमर उजाला,डोईवाला।
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि के विरोध में तहसील मुख्यालय पर दो विद्यार्थियों का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने आयुष विभाग और राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। डोईवाला तहसील में बीते 15 दिनों से विभिन्न आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं ने आयुष विभाग के खिलाफ जमकर नारेेबाजी की। बीते बुधवार से अनशनरत छात्र सुमित शर्मा और कनिका सुयाल का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि आयुष विभाग छात्रों की मांगों की अनदेखी कर रहा है। फीस नियामक समिति की अनुमति के बिना 250 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी औचित्यहीन है।
उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद आयुष विभाग ने शुल्क वृद्धि के मामले में फिलहाल कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। लिहाजा मजबूरन उन्हें आमरण अनशन के लिए विवश होना पड़ा है। उन्होंने चेताया कि अनदेखी को खत्म नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अनशनरत विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच के लिए चिकित्सकों की टीम पहुंची। इस अवसर पर यश वेदवाल, आलोक पुरसोड़ा, दीक्षांत असवाल, शुभम सेमवाल, सतेंद्र तोपवाल, ललित तिवारी, निशांत कांबोज, दीक्षा, आशीष, मोहम्मद आकीब, अनुज, अश्वनी, धीरज, राहुल आदि मौजूद रहे।