ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
शेयर बेचने में फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल जज का फैसला पलट दिया है। अदालत ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में चार साल की सजा और एक-एक हजार जुर्माना भी लगाया है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में बृहस्पतिवार को सुनील नागपाल पुत्र स्व. बनवारी लाल नागपाल निवासी आवास-विकास कॉलोनी, वीरभद्र, ऋषिकेश की अपील पर फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने आरोपी नरेंद्र पाल सिंह पुत्र स्व. कुलदीप सिंह निवासी मनीराम मार्ग, ऋषिकेश को सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल के व्यक्ति के नाम से शेयर पर फर्जी हस्ताक्षर करने का दोषी पाया।
अदालत ने आरोपी नरेंद्र पाल सिंह को धारा 467 में तीन साल और धारा 468 में एक वर्ष की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि सुनील नागपाल ने नरेंद्रपाल सिंह से शेयर खरीदे थे, जिसकी जांच के बाद उन्हें पता चला कि उक्त शेयर के बिक्री में पश्चिम बंगाल के व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। पीड़ित ने कोतवाली में आरोपी पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। अधिवक्ता एके रस्तोगी ने बताया कि मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल जज की अदालत ने बीती 15 दिसंबर- 2009 को आरोपी नरेंद्रपाल सिंह को दोषमुक्त कर दिया था, जिसके बाद पीड़ित ने वर्ष- 2012 में जिला जज की अदालत में अपील दायर की थी, जोकि वर्ष 2015 में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट के लिए ट्रांसफर कर दी गई। करीब ढाई साल तक चली सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया गया।