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सीबीसीएस के विरोध में फिर फूटा छात्रों का गुस्सा

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श्रीनगर। सीबीसीएस ( च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम) को लेकर गढ़वाल विवि के छात्रों का गुस्सा थम नहीं रहा है। सोमवार को इसके विरोध में जहां छात्रों ने कुलपति कार्यालय के समक्ष नारेबाजी व धरना प्रदर्शन किया वहीं, सीबीसीएस प्रणाली जबरन थोपे जाने का आरोप लगाया।
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गढ़वाल विवि के छात्रों का सीबीसीएस को लेकर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार व आयुष मियां के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने इसे निरस्त करने की मांग की। छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार ने कहा कि गढ़वाल विवि प्रशासन ने बिना किसी तैयारी के सीबीसीएस लागू किया है, जिससे छात्रों को मुश्किल उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर परीक्षाओं में परीक्षक उत्तर पुस्तिकाओं को जांचे बिना ही अंक दे रहे हैं, जिससे छात्र परीक्षा में असफल हो रहे हैं। छात्रों ने पिछले वर्ष आरटीआई में मांगी एक उत्तर पुस्तिका भी विवि अधिकारियों को दिखाई, जिसमें बाहरी पृष्ठ पर 24 अंक रखे गए थे। जबकि अंदर से उत्तर पुस्तिका जांची ही नहीं गई थी। आयुष मिंया ने कहा कि विवि प्रशासन ने सीबीसीएस लागू तो कर दिया है, लेकिन छात्रों को सुविधाएं नहीं दी जा रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर कुलपति के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, डीएसडब्ल्यू प्रो. सुरेखा डंगवाल आदि मौजूद थे।

छात्र इन समस्याओं को लेकर पहले भी आए थे। इन समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। उत्तर पुस्तिका जांचे बिना अंक रखने वाले परीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई कर दी गई है। सीबीसीएस एमएचआरडी के निर्देश पर लागू किया गया है। इसे निरस्त करना विवि के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं।
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प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कार्यवाहक कुलपति
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