ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी
पालिका प्रशासन की ओर से मालरोड पर अतिक्रमण करने वाले पटरी व्यवसायियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीति की भेंट चढ़ गई। शनिवार को 80 पटरी व्यवसायियों का सामान उठाने के बाद जहां पालिका प्रशासन ने सामान शाम को ही छोड़ दिया। वहीं रविवार को फिर से मालरोड पर पटरी व्यवसायियों ने अतिक्रमण कर लिया। सूत्रों के मुताबिक सियासी लोग आगामी निकाय चुनाव को देखते हुए कार्रवाई न करने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं।
पर्यटन सीजन के दौरान शहर और मालरोड पर फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए पालिका प्रशासन ने शनिवार को अभियान शुरू किया था, अभियान में 80 पटरी व्यवसायियों का सामान पालिका की टीम ने जब्त कर लिया था। जिस पर व्यवसायियों ने पालिका पहुंचकर हंगामा किया था। सूत्रों के मुताबिक नेताओं के दबाव के चलते अधिकारियों ने चंद घंटों बाद ही उनका सामान वापस कर दिया था। नेताओं की शह के चलते रविवार को फिर से मालरोड पर अतिक्रमण पसर गया। अतिक्रमण होने से लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका प्रशासन को नेताओं के दबाव को दरकिनार कर अपनी कार्रवाई जारी रखनी चाहिए। ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़ी।
इस संबंध में पालिका ईओ एमएल शाह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया। कई बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष आने पर हूबहू प्रकाशित किया जाएगा। वहीं, एसडीएम मीनाक्षी पटवाल भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
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बंद हो दखलंदाजी
मसूरी ट्रेडर्स अध्यक्ष रजत अग्रवाल का कहना है कि शहर हित में प्रशासन और नपा प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई पर किसी तरह की सियासी दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। मालरोड पर अतिक्रमण पर प्रशासन को बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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किराए पर चलाते हैं दुकानें
पूर्व पालिका अध्यक्ष ओपी उनियाल का कहना है कि उनके कार्यकाल में मात्र 82 पटरी व्यवसायी ही प्रमाणित थे। लेकिन अब मालरोड पर 200 से अधिक पटरी व्यवसायियों ने कब्जा जमाया हुआ है। एक परिवार की ओर से पांच-पांच दुकानें लगाई गई हैं। कुछ पटरी व्यवसायी बाहरी व्यक्तियों को दुकान किराये पर दे रहे हैं। कहा कि ऐसे पटरी व्यवसायियों को चिन्हित कर उनकी छंटनी करनी चाहिए।