ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
रामगढ़ स्थित नवधान्य जैव विविधता फार्म में आयोजित चार दिवसीय जैव विविधता बाल सम्मेलन का शुभारंभ कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। उन्होंने कहा कि आज जैव विविधता और मुख्यत: कृषि जैव विविधता को बचाना एक बड़ी चुनौती है। सरकार प्रदेश में जैविक खेती को जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जिससे किसानों को फसलों का उचित मूल्य मिल सके। इसके साथ ही छोटे किसानों को भी आय का एक जरिया मिल सकेगा।
आयोजित कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘मैं एक गांव’ योजना के तहत प्रदेश की खेती-किसानी में आमूल-चूल परिवर्तन करने जा रही है, जिससे यहां के किसानों का खेती के प्रति आकर्षण बना रहे। सरकार जैविक किसानों के उत्पादों के लिए मार्केटिंग का कार्य भी करेगी, ताकि अन्नदाता को वाजिफ मूल्य मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मालाबार बॉटनिकल गार्डन और वनस्पति विज्ञान संस्थान, कोझीकोड केरल के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. एन.पी. कृष्णन ने कहा कि हिमालयी जैव विविधता को बचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे ऋतु असंतुलन में जैव विविधता संवर्धन के माध्यम से स्थिरता लाने का प्रयास करें।
उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव एसएस रसैली ने कहा कि धरती के संतुलन के लिए चींटी से लेकर हाथी तक सभी का संरक्षण आवश्यक है। पर्यावरणविद्द और नवधान्य ट्रस्ट की संस्थापिका डॉ. वंदना शिवा ने कहा कि जिस तरह से धरती एक मां की तरह हमारा पालन-पोषण करती है, उसी तरह से धरती के संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी बनती है। कहा चार दिवस तक चलने वाले जैव विविधता बाल सम्मेलन में विद्यार्थी प्रकृति और जीवन से जुड़ी विज्ञान की कड़ियों को बडे़ ही रोचक ढंग से समझ और सीख सकेंगे। सम्मेलन में उत्तराखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 150 छात्र हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर फार्म मैनेजर जेपी खाली, नवधान्य के निदेशक डॉ. विनोद भट्ट, दिनेश चंद्र सेमवाल भी मौजूद रहे।