ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
तहसील के कैमाला जंगल के बुग्याल में धूमधाम से दो दिवसीय जखोली मेला की शुरुआत हो गई। हर साल जून की शुरूआत में यहां मेले का आयोजन किया जाता है। जहां बावर और सिलगांव समेत आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं।
शनिवार सुबह लोगों ने बाशिक महासू देवता की पालकी का स्वागत किया। देव पालकी छह किमी दूर स्थित मेंद्रथ मंदिर से जंगल पहुंची। जहां देव दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने देवता के दर्शन कर सुख और शांति की कामना की। मेले में बावर, सिलागांव, फनार, देवघार, बंगाण पट्टी समेत आसपास के लोग हिस्सा लेने पहुंचे। देव पालकी को कंधा देने के लिए लोग आतुर दिखे। पूरा परिसर बाशिक देवता के उद्घोष से गूंज उठा। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मूरत राम शर्मा, बजीर दीवान सिंह, रघुवीर सिंह, एनएस पंवार, अबी दत्त डोभाल, जगत सिंह, राजेश डोभाल, रामलाल, पृथ्वी पंवार, प्रेम कुमार आदि मौजूद रहे।