थराली। मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से सोल पट्टी में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। यहां शुक्रवार रात को हुई पांच घंटे की बारिश से एक पैदल पुलिया बह गई जबकि कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। बारिश से डुंग्री-रतगांव, डुंग्री-बूंगा-बुरसोल-गेरूड़-कोलपुड़ी मोटर मार्ग कई जगह मलबा आने से बंद हो गया। साथ ही 10 से अधिक बकरियां और दो खच्चरों की बहने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर गांव की स्थिति बताई और मामले में जांच करने की मांग की।
गेरूड़ प्रधान कमला देवी, पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र, कलम सिंह, रूईसाण के ग्राम प्रधान सुदर्शन सिंह राणा, क्षेत्र पंचायत माहेश्वरी देवी, मोहन सिंह सोलवासी ने एसडीएम रोहित मीणा को बताया कि शुक्रवार अपराह्न तीन बजे हुई तेज बारिश से रूईसाण के भैरगढ़, लोड़ा, घिनपाणी आलेधार तोकों के गदेरे उफान पर आ गए। गदेरे के मलबे से आलू, राजमा और चौलाई की फसल नष्ट हो गई। आदि ने बताया कि बारिश से प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल घिनपाणी के बीच से जाने वाला पैदल मार्ग बह गया और भैरगढ़ गदेरे की पैदल पुलिया भी बह गई। पुलिया बहने से अब गदेरे से ही आवाजाही करनी पड़ रही है। यहां जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की तो बरसात में ग्रामीणों को आवाजाही की दिक्कत होगी। खुड़खे गदेरे से लोड़ा तोक में मलबा आने कृषि भूमि एवं पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अनुसूचित बस्ती को जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है तो अतिवृष्टि से रूईसाण के पूरन चंद्र और जयराम के मत्स्य तालाब मलबे की भेंट चढ़ गए हैं। भूस्खलन से डुंग्री-कोलपुड़ी मोटर मार्ग बंद हो गया है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच के लिए टीम प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही है।