कर्णप्रयाग। ब्लॉक के नंदाधाम नौटी में आयोजित रामलीला मंचन के पहले दिन श्रीराम के जन्मोत्सव को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
शनिवार रात को रामलीला मंचन में रावण, कुंभकर्ण और विभीषण ने कठोर तप कर ब्रह्मदेव से वर मांगे। ब्रह्मदेव से वरदान मिलने के बाद लंकापति रावण ने नारद मुनी की सलाह पर कैलाश पर्वत उठाने का दुस्साहस किया। इस पर भगवान शिव क्रोधित हो गए और रावण को नर-वानरों के हाथों उसका वध होने का श्राप दिया। वहीं दूसरी ओर अयोध्या के राजा दशरथ महल मेें पुत्रेष्ठी यज्ञ करते हैं, जिसके फल स्वरूप राजा दशरथ के यहां श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है। श्रद्धालु भये प्रकट कृपाला दीन दयाला..., आज परम सुख पायो..., आदि भजनों से श्री राम के जन्मोत्सव की खुशी मनाते हैं और भव्य झांकी निकालकर श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटते हैं। अरुण मैठाणी के संचालन में आयोजित रामलीला में ब्रह्मा का किरदार अखिलेश नौटियाल, रावण सुभाष रावत, दशरथ विमल नौटियाल और कुंभकर्ण का देवेंद्र ने निभाया।