ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में यातायात व्यवस्था में समन्वय की कमी और बाहरी प्रांतों के वाहनों से की जा रही डग्गामारी ने परिवहन निगम की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। यात्रा के लिए ऋषिकेश पहुंची विभिन्न डिपो की 10 बसें बीते चार दिनों से यात्री नहीं मिलने के चलते खड़ी हैं, जिससे निगम को रोजाना करीब तीन लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। परिवहन निगम ने चारधाम यात्रा के लिए 75 बसें रिजर्व की हैं, जिनमें से ऋषिकेश समेत चार डिपो की 10 बसों को हाल ही में यात्रा के लिए मंगाया गया था, लेकिन निगम को बसों के लिए चार दिन से यात्री नहीं मिले हैं। ऐसे में निगम की बसें ऋषिकेश रोडवेज बस अड्डे पर ही खड़ी हैं।
इसकी वजह, सरकारी विभागों और संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के बीच समन्वय की कमी को माना जा रहा है। यात्राकाल में बाहरी वाहनों के जरिए हो रही डग्गामारी भी इसमें अहम वजह बताई जा रही है। निगम के मुताबिक रोजाना एक बस की आमदनी करीब 30 हजार रुपये है। लिहाजा, 10 बसें नहीं चलने से प्रतिदिन लगभग तीन लाख का फटका लग रहा है।
इन डिपो की बसें हैं खड़ी
चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश डिपो के अनुसार यात्रा के लिए 75 बसें आरक्षित की गई हैं, जिनमें से 10 ऋषिकेेश पहुंच चुकी हैं। ऋषिकेश बस अड्डे में लोहाघाट और ऋषिकेश डिपो की दो-दो और पर्वतीय डिपो देहरादून व पिथौरागढ़ की तीन-तीन बसें खड़ी हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन बसों को विभिन्न रूटों को बंद कर यात्रा में लगाया गया है। बसों के नहीं चलने से उन्हें दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डग्गामारी की वजह से रोडवेज बस के लिए यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। निगम के महाप्रबंधक संचालन को बस के खड़े होने संबंधी सूचना दे दी गई है। उनके आदेश का इंतजार किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई उनके आदेशानुसार ही की जानी है।
- पीके भारती, एजीएम, परिवहन निगम।