ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
बच्चों से भिक्षावृत्ति और बालश्रम के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए पिथौरागढ़ निवासी अजय चंद्र ओली पिछले चार सालों से पैदल यात्राएं कर रहे हैं। उनकी यात्रा की खासियत यह है कि वह नंगे पांव जनजागरण में जुटे हैं। पिथौरागढ़ जिले के धनौड़ा गांव निवासी 26 वर्षीय अजय चंद्र ओली बच्चों से भिक्षावृत्ति व बालश्रम को रोकने के लिए अब तक देश के 46 शहरों की पैदल यात्राएं कर चुके हैं। ‘उन्मुक्ति सुनहरा बचपन’ नामक अभियान के तहत युवा अजय चंद्र ओली से सोमवार को तीर्थनगरी पहुंचे।
अजय ने बताया कि वह युवाओं के बीच और स्कूलों में जाकर लोगों के बच्चों से भिक्षावृत्ति व बालश्रम के विरोध के लिए जागरूक करते हैं। साथ ही इन्हें रोकने व इस ज्यादती के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए लोगों को शपथ भी दिलाते हैं। सोमवार शाम को वह तीर्थनगरी से देहरादून के लिए रवाना हो गए। अजय चंद्र ओली मानव संसाधन और होटल मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं। उनके पिता और दादा दोनों भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं।
26 वर्षीय युवा ने जनजागरण के संकल्प पर निकलने से पूर्व चार साल पहले जूते, चप्पल पहनने बंद कर दिए। बकौल अजय, नंगे पैर रहने से अभावग्रस्त लोगों की पीड़ा का अहसास बना रहता है। उनको ऐसे लोगों के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। अजय की घनश्याम ओती चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी अनाथ और गरीब बच्चों को शिक्षित करने का कार्य करती है। वह बच्चों के लिए पिथौरागढ़ में दो, अल्मोड़ा व लखनऊ में एक-एक सेंटर संचालित कर रहे हैं। बताया कि इन सेंटरों पर चार से 14 साल तक के बच्चों को बेसिक शिक्षा का ज्ञान दिया जाता है।