ब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला/ऋषिकेश।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में आदमखोर गुलदार को शूट करने के आदेश के सात दिन बाद भी टीम को गुलदार नहीं मिला। वन क्षेत्र में चार मानव डमी और 32 कैमरों के साथ मचान पर बैठी चार टीमों को गुलदार अब तक नजर नहीं आया, लेकिन इसी बीच आदमखोर गुलदार ने रविवार को फिर से एक महिला पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया, जिससे क्षेत्र के लोगों में आदमखोर को लेकर दहशत और ज्यादा बढ़ गई है।
रायवाला क्षेत्र में पार्क की मोतीचूर रेंज के अंतर्गत सक्रिय आदमखोर गुलदार के अब तक 19 लोगों की जान लेने के बाद पार्क प्रशासन को उसे मारने के आदेश मिले। सप्ताह भर से मचान में सुबह से रात तक गुलदार के इंतजार में बैठे बंदूकों से लैस विशेषज्ञों को गुलदार नहीं दिख रहा है। सप्ताह भर बाद भी उनके हाथ खाली ही हैं। रेंज में गुलदार को गन प्वाइंट तक लाने के लिए मानवीय पुतलों को लगाया गया है। पार्क निदेशक सनातन ने बताया कि दो दर्जन वनकर्मियों के साथ ही चार टीमों को शूटरों के साथ अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। 32 कैमरों से लगातार नजर रखी जा रही है। हाथियों से आदमखोर की तलाश में कांबिंग जारी है। बताया कि सत्यनारायण मंदिर सेक्शन के घने जंगल में लगे कैमरा ट्रैप में गुलदार कैद हुआ है, लेकिन वह मानवीय पुतलों तक अभी नहीं आ पाया है। बताया कि इस रणनीति से सफलता हाथ नहीं लगी है, तो जल्द दूसरी कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा।
अफवाहों ने बढ़ाया वनकर्मियों का सिरदर्द
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की सीमा से सटे रायवाला क्षेत्र गुलदार को गोली लगने की अफवाहों ने भी वनकर्मियों का सिरदर्द बढ़ा दिया है। रेंज अधिकारी विकास रावत के मुताबिक रोजाना वनकर्मियों के मोबाइल फोन अफवाहों की वजह से घनघनाते रहते हैं। बताया कि कई बार लोग गुलदार के आबादी में धमकने की सूचना सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, जिसकी जानकारी लगने के बाद टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाता है, मगर मौके पर होता कुछ नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है।