गोपेश्वर। उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में चमोली जिले के मॉडल विद्यालय भी फिसड्डी रहे। जिले के 18 मॉडल विद्यालयों से एक भी छात्र-छात्राएं राज्य की मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए। दशोली ब्लॉक के मॉडल विद्यालय जीआईसी नंदप्रयाग में इंटरमीडिएट में 125 में से 16 छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं, जबकि हाईस्कूल में 61 में से मात्र 43 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। मॉडल विद्यालय गडोरा में इंटरमीडिएट में पंजीकृत 39 में से 30 छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। हाईस्कूल में 53 में 46 छात्र-छात्राएं ही उत्तीर्ण हुए हैं। जोशीमठ, पोखरी, कर्णप्रयाग, घाट, नारायणबगड़, थराली क्षेत्र के मॉडल विद्यालयों की भी यही स्थिति बनी है।
जिले के सुगम क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति निराशाजनक रही। जीआईसी गोपेश्वर, जीआईसी मंडल, नागनाथ पोखरी, पीपलकोटी, माणा-घिंघराण, जोशीमठ, गौचर, जीजीआईसी गोपेश्वर और जोशीमठ से इस बार कोई भी छात्र-छात्रा राज्य की मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाया, जबकि जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय जीआईसी थराली के धर्मेंद्र सिंह और जीआईसी उडामांडा की सोनी ने हाईस्कूल में राज्य की मेरिट सूची में 25वां स्थान प्राप्त किया है। मॉडल विद्यालय नंदप्रयाग के प्रधानाचार्य एमएस रावत का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय का परीक्षा परिणाम आशा के अनुरूप नहीं रहा। चालू शिक्षण सत्र में अच्छे परीक्षाफल के लिए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाएगा।
कोट
सरकारी विद्यालयों के कम ही छात्र-छात्राएं मेरिट सूची में स्थान पा सके हैं, लेकिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम सही रहा है। कई जगहों पर संसाधनों की कमी रही, जिससे परीक्षा परिणाम आशा के अनुरूप नहीं रहा। विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। - ललित मोहन चमोला, सीईओ, चमोली।