ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी/साहिया/चकराता।
क्षेत्र में रविवार देर शाम को चली तेज आंधी ने जौनसार बावर क्षेत्र में जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में 11 लोगों के घरों और छानियों की छतें उड़ गई। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग और कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर कई जगहों पर पेड़ों के तने टूट कर गिर जाने से यातायात भी बाधित रहा। लोगों ने तनों को सड़क किनारे कर यातायात बहाल कराया।
रविवार शाम को अचानक बदले मौसम की करवट के बीच लोहारी गांव निवासी शेर सिंह चौहान के बुरायला स्थित मकान की छत उड़ गई। उन्होंने बताया तेज हवा के साथ मकान की छत उड़ गई और एक दीवार गिर ढह गई। हादसे के समय घर पर सिर्फ बच्चे थे। आसपास के लोगों ने किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला। वहीं सकनी गांव में प्रताप सिंह पंवार की गोशाला की छत उड़ गई। रजाणू गांव निवासी नारायण सिंह, थेचकू, प्रताप सिंह, दागुवा, गोपी चंद, राम सिंह, परसू, तोला और सैंज गांव निवासी अवतार सिंह के आवासीय छानियों की छत भी आंधी से उड़ गई। पीड़ितों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। एसडीएम बीके तिवारी ने बताया कि मामले में राजस्व उपनिरीक्षक से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।