कर्णप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के प्रभावितों ने मकान बनाने के लिए भूमि दिए जाने की मांग की है। साथ ही गांवों में भी नगरों के हिसाब से मुआवजा वितरण करने की बात कही।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए सिवाई और लंगाली के ग्रामीणों की भूमि अधिगृहीत की जानी है। रेल लाइन से प्रभावित होने वाले ग्रामीण एक समान मुआवजा की मांग कर रहे हैं। गांव में आयोजित रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति की बैठक में प्रभावितों ने कहा कि परियोजना और प्रशासन की ओर से भूमि का मुआवजा बहुत कम आका गया है। जबकि मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग ग्रामीण पिछले एक साल से कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में भी नगरों के बराबर सर्किल रेट का मुआवजा और प्रभावितों को मकान बनाने के लिए भूमि आवंटित की जानी चाहिए। ताकि प्रभावित आसानी से और समय पर मकान बना सके। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मदन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष मातवर सिंह रावत, सदस्य दिग्पाल सिंह, जयप्रकाश सिंह रावत, भरत सिंह, रणवीर सिंह आदि मौजूद थे। दूसरी ओर एसडीएम जीआर बिनवाल ने कहा कि मुआवजा तय मानकों के आधार पर ही दिया जा रहा है।