पीपलकोटी। कीर्ति चक्र से सम्मानित मेजर प्रीतम कुंवर का शनिवार को अपने पैतृक गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। ढोल-दमाऊं के साथ ग्रामीण अपने इस लाल को लेने के लिए गांव की सीमा तक गए। देशभक्ति के जयकारों के साथ उन्हें गांव लाया गया।
मेजर प्रीतम सुबह साढ़े ग्यारह बजे अपनी पत्नी और बेटे के साथ अपने पैतृक गांव मठ पहुंचे। घर में उनकी माता रुक्मणी देवी और पिता नरेंद्र कुंवर खेती-बाड़ी करते हैं। इस दौरान गांव में एक सभा भी आयोजित की गई। मेजर कुंवर ने कहा कि सेना में रहते हर वक्त चुनौतियों से जूझना पड़ता है। देशवासियों और अपनों का प्यार-प्रेम उन्हें इन चुनौतियों से लड़ने का हौसला देता है। मौजूदा समय में भारतीय सेना कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन हमारे जांबाज सैनिकों के जज्बे और देशप्रेम की भावना के आगे दुश्मनों के भी छक्के छूट रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील कोठियाल ने कहा कि हमें मेजर प्रीतम से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने प्रीतम को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया।
इस मौके पर उपप्रधान संतोष कुंवर, मनोज कुमार, गब्बर सिंह, प्रेम सिंह, धूम सिंह, बुद्धि सिंह, दलीप सिंह, महिला मंगल दल अध्यक्ष पुष्पा देवी, शकुंतला देवी, रेखा देवी, अंजू देवी, मीना देवी आदि मौजूद थे।
छह आतंकियों को मार गिराया था प्रीतम ने
मठ गांव के 34 वर्षीय सेना के मेजर प्रीतम कुंवर ने 25 मई 2017 को उड़ी सेक्टर में हुए आतंकी हमले में छह आतंकियों को मार गिराया था। उनके अदम्य साहस के लिए 15 अगस्त 2017 को उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई थी और गत 23 अप्रैल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें इस सम्मान से नवाजा था। मेजर प्रीतम दो वर्षों से उड़ी सेक्टर में तैनात हैं।